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महाराष्ट्र की 'एपस्टीन फाइल'! फर्जी बाबा की पेन ड्राइव में मिले 58 आपत्तिजनक वीडियो; कई नामी लोगों तक पहुंच

 Reported By: Sachin Chaudhary Edited By: Kajal Kumari
 Published : Mar 19, 2026 11:52 pm IST,  Updated : Mar 20, 2026 02:50 pm IST

स्वयंभू ज्योतिषाचार्य अशोक खरात और उसका पैर धोती हुई महिला, जो अजित पवार गुट की वरिष्ठ नेता और महाराष्ट्र महिला आयोग की अध्यक्ष रूपाली चाकणकर बताई जा रही हैं। इस बाबा कांड से महाराष्ट्र की सियासत में भूचाल आ गया है। जानें पूरा मामला...

महाराष्ट्र में बाबा कांड से सियासत में भूचाल - India TV Hindi
महाराष्ट्र में बाबा कांड से सियासत में भूचाल Image Source : REPORTER

 महाराष्ट्र की राजनीति में एक कथित सेक्स स्कैंडल को लेकर सियासी भूचाल आ गया है। नासिक पुलिस ने दुष्कर्म के आरोप में स्वयंभू ज्योतिषाचार्य और तांत्रिक अशोक खरात उर्फ कैप्टन को गिरफ्तार किया है, जिसके बाद मामला तूल पकड़ता जा रहा है। आरोपी के संपर्कों को लेकर कई बड़े नामों की चर्चा हो रही है। दावों के मुताबिक, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटिल और महाराष्ट्र महिला आयोग की अध्यक्ष रूपाली चाकणकर का नाम भी उससे जोड़ा जा रहा है, अशोक खरात पर कई महिलाओं के साथ शोषण और दुष्कर्म के गंभीर आरोप लगे हैं। मामला सामने आते ही विपक्ष सरकार पर हमलावर हो गया है।

बाबा कांड से सियासत में भूचाल

पहली नज़र में यह तस्वीर किसी साधु-संत के सम्मान की लगती है, जहां एक महिला उनके पैर धोती हुई दिखाई दे रही है। तस्वीर में दिख रहा शख्स कोई संत नहीं, बल्कि स्वयंभू ज्योतिषाचार्य अशोक खरात है और उसका पैर धोती हुई महिला, अजित पवार गुट की वरिष्ठ नेता और महाराष्ट्र महिला आयोग की अध्यक्ष रूपाली चाकणकर हैं। अशोक खरात खुद को ज्योतिष शास्त्र का बड़ा ज्ञानी बताता था, लेकिन जब उसकी असलियत सामने आई, तो न सिर्फ लोगों के होश उड़ गए, बल्कि पूरे राज्य की राजनीति में हड़कंप मच गया है। नासिक में आम लोगों के बीच अशोक खरात की छवि किसी संत से कम नहीं थी। धार्मिक आस्था, कथित दैवीय शक्तियों और मंत्र-तंत्र के दम पर 67 साल के खरात ने अपने आसपास भक्तों की बड़ी फौज खड़ी कर ली थी। इसी प्रभाव के चलते महाराष्ट्र के कई बड़े राजनेता, सेलिब्रिटी और उद्योगपतियों के साथ उसके करीबी संबंध बन गए। 

महिलाओं को झांसे में लेता था बाबा

अशोक के इसी रुतबे और आस्था के नकाब के पीछे छुपा था एक ऐसा काला सच, जिसने सामने आते ही सबको हैरान कर दिया। आरोप है कि अपने प्रभाव और रसूख का फायदा उठाकर वह महिलाओं को झांसे में लेता, उन्हें धमकाता और उनका शोषण करता था। बताया जा रहा है कि यह सिलसिला लंबे समय से चल रहा था, लेकिन साधु के वेश में छिपे इस चेहरे का पर्दाफाश तब हुआ, जब एक 35 साल की महिला ने हिम्मत जुटाकर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पीड़िता का आरोप है कि खरात ने खुद को दैवीय शक्तियों का मालिक बताकर उसका भरोसा जीता और फिर अपने कार्यालय में बुलाकर नशीला पदार्थ देकर उसके साथ कई बार दुष्कर्म किया। यह कथित घटनाक्रम 2022 से 2025 के बीच चलता रहा।

पुलिस ने ढोंगी बाबा को किया गिरफ्तार

पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए इस कथित ढोंगी बाबा को गिरफ्तार कर लिया। लेकिन जांच में जो खुलासे सामने आए, उन्होंने मामले को और भी सनसनीखेज बना दिया। जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी के पास से एक पेन ड्राइव बरामद की है, जिसमें अब तक 58 आपत्तिजनक वीडियो मिलने की बात सामने आ रही है। सूत्रों के मुताबिक, इन वीडियो में कुछ चर्चित महिलाओं और सेलिब्रिटीज के होने की आशंका जताई जा रही है, जिसकी गंभीरता से जांच की जा रही है। इस खुलासे के बाद मामला और भी संवेदनशील हो गया है।  वहीं, अशोक खरात की गिरफ्तारी के बाद राज्य की राजनीति में भी हलचल तेज हो गई है। आरोपी की कुछ तस्वीरें उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और महाराष्ट्र महिला आयोग की अध्यक्ष रूपाली चाकणकर के साथ सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं। इसी मुद्दे को लेकर विपक्ष ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कांग्रेस ने जहां रूपाली चाकणकर के इस्तीफे की मांग की है, वहीं उद्धव ठाकरे गुट ने इसे महाराष्ट्र की “एपस्टीन फाइल” बताते हुए सरकार पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

फडणवीस सरकार ने उठाया सख्त कदम

मामला तूल पकड़ता देख सरकार ने इस पूरे प्रकरण की जांच के लिए एसआईटी का गठन कर दिया है। बताया जा रहा है कि बाबागिरी से पहले अशोक खरात मर्चेंट नेवी में काम करता था, इसी वजह से वह अपने नाम के आगे “कैप्टन” लगाता था। पुलिस अब आरोपी की संपत्तियों की भी जांच कर रही है, जो अलग-अलग शहरों में फैली बताई जा रही हैं और जिनकी कीमत करोड़ों में आंकी जा रही है। फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि आस्था की आड़ में खेले गए इस खेल में और कितने राज दफन हैं। एसआईटी जांच से अब किन-किन बड़े नामों का खुलासा होता है, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं। फिलहाल पुलिस मामले की गहन जांच में जुटी है। वहीं, गिरफ्तारी के बाद आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे 24 मार्च तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है।

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