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यदि नहीं है डिस्‍काउंट तो 54% शहरी भारतीय नहीं करना चाहते ऑनलाइन शॉपिंग, e-Retailers के लिए खतरे की घंटी

 Written By: Dharmender Chaudhary
 Published : Sep 06, 2016 09:42 am IST,  Updated : Sep 06, 2016 09:47 am IST

54 फीसदी शहरी भारतीय ऑनलाइन शॉपिंग नहीं करना चाहते, यदि यहां कोई डिस्‍काउंट नहीं है या किसी उत्‍पाद की कीमत घर के पास वाले बाजार के बराबर है।

Troubling Trend: डिस्‍काउंट नहीं तो 54% शहरी भारतीय नहीं करना चाहते ऑनलाइन शॉपिंग, e-Retailers के लिए खतरे की घंटी- India TV Hindi
Troubling Trend: डिस्‍काउंट नहीं तो 54% शहरी भारतीय नहीं करना चाहते ऑनलाइन शॉपिंग, e-Retailers के लिए खतरे की घंटी

नई दिल्‍ली। पूरी दुनिया में ग्राहकों की डिस्‍काउंट और फ्री गिफ्ट की आदतों को लेकर कई रोचक मामले हमनें सुने हैं। इन सभी मामलों में यह पाया गया है कि डिस्‍काउंट अब लोगों की आदत बन चुकी है, जिसे ग्राहकों के दिमाग से खत्‍म करना बहुत ही मुश्किल है। प्रमुख ग्‍लोबल रिसर्च कंपनी Ipsos द्वारा हाल ही में शहरी भारतीय उपभोक्‍ताओं के व्‍यवहार को लेकर एक सर्वे किया गया। इस सर्वे का नतीजा भी कुछ इसी तरह का रहा है।

टॉप 10 शहरों के शहरी मोबाइल इंटरनेट यूजर्स के बीच यह सर्वे किया गया, जिसमें ई-शॉपिंग और अन्‍य डिजिटल गतिविधियों से जुड़े कुछ सवाल पूछे गए थे। नई दिल्‍ली, मुंबई, बेंगलुरु, चेन्‍नई, कोलाकात, पुणे, हैदराबाद, अहमदाबाद, चंडीगढ़ और लखनऊ के 1.5 लाख यूजर्स ने 12 लाख वोड दिए। कुल यूजर्स में 80 फीसदी यूजर्स की उम्र 35 साल से कम थी।

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सर्वे के रिजल्‍ट के मुताबिक 54 फीसदी शहरी भारतीय ऑनलाइन शॉपिंग नहीं करना चाहते, यदि यहां कोई डिस्‍काउंट नहीं है या किसी उत्‍पाद की कीमत घर के पास वाले बाजार के बराबर है। यह ट्रेंड भविष्‍य के डिजिटल एंट्रप्रेन्‍योर्स के लिए मुश्किल पैदा कर सकता है, जो ऑनलाइन रिटेल बिजनेस शुरू करने की योजना बना रहे हैं। ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए डिस्‍काउंट एक अच्‍छी रणनीति हो सकती है, लेकिन एक बिजनेस चलाने के लिए यह बहुत ही खराब रणनीति है।

भारतीय ई-कॉमर्स मार्केट, जो कि दुनिया में सबसे तेजी से विकसित होता बाजार है, को ग्राहकों को ऑनलाइन शॉपिंग का आदि बनाने के लिए डिस्‍काउंट आधारित रणनीति को छोड़कर कोई नई नीति पर ध्‍यान केंद्रित करने की जरूरत है। ई-कॉमर्स पोर्टल अभी भी बाजार हिस्‍सेदारी बढ़ाने के लिए डिस्‍काउंट का सहारा ले रहे हैं, लेकिन सवाल यह है कि यह कब तक और कितना डिस्‍काउंट देंगे।

सर्वे में एक और खुलासा हुआ है कि इंस्‍टाग्राम, स्‍नैपचैट और ट्विटर में से सबसे ज्‍यादा किस सोशल नेटवर्क का इस्‍तमाल किया जाता है। 54 फीसदी लोगों ने इंस्‍टाग्राम को सबसे ज्‍यादा उपयोग होने वाला सोशल मीडिया प्‍लेटफॉर्म बताया। वहीं 39 फीसदी लोगों ने ट्विटर और 7 फीसदी लोगों ने स्‍नैपचैट को वोट दिया। वीडियो वॉचिंग में यूट्यूब 80 फीसदी वोट के साथ अभी भी नंबर वन बना हुआ है, जबकि 11 फीसदी लोग फेसबुक और 9 फीसदी लोग व्‍हाट्सएप को पसंद करते हैं।

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