नई दिल्ली। सार्वजनिक क्षेत्र की भारत पेट्रोलियम कारपोरेशन लिमिटेड (BPCL) को 747.46 करोड़ रुपये के निवेश से ओड़िशा में दूसरी पीढ़ी के एथनॉल उत्पादन की हरित मंजूरी मिल गयी है। एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने यह जानकारी दी। सौ किलोलीटर की क्षमता वाले एथनॉल जैव-रिफाइनरी बाड़गढ़ जिले के बालसिंघा गांव में 58.44 एकड़ क्षेत्र में लगायी जाएगी। परियोजना सरकार की जैव-ईंधन नीति के अनुरूप है। इस नीति के तहत पेट्रोल में 5 प्रतिशत एथनॉल मिश्रण के अनुरूप है।
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अधिकारी ने कहा कि पिछले महीने पर्यावरण आकलन समिति (ईएसी) ने बीपीसीएल के प्रस्ताव का आकलन किया और एथनॉल परियोजना को पर्यावरण मंजूरी देने की सिफारिश की। सिफारिश के आधार पर पर्यावरण मंत्रालय ने मंजूरी दे दी। यह मंजूरी कुछ शर्तों के आधार पर दी गयी है। परियोजना की कुल लागत 747.46 करोड़ रुपए अनुमानित है।
प्रस्ताव में बीपीसीएल ने कहा है कि परियोजना से 200 लोगों को प्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलने की उम्मीद है। साथ ही अप्रत्यक्ष रूप से 1,000 लोगों को रोजगार मिलेंगे। कंपनी ने कहा कि वह ‘लिगनोसेल्यूलोस’ बायोमास का उपयोग करेगी जिसे नवीकरणीय ईंधन खासकर एथनॉल के लिए बेहतर कच्चा माल माना जाता है। बीपीसीएल ने कहा कि सरकार ने 2020 तक पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथनॉल मिश्रण का लक्ष्य रखा है, इस लिहाज से दूसरी पीढ़ी के एथनॉल संयंत्र लगाना महत्वपूर्ण है।