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1377 निर्यातकों ने लगाया सरकार को 1875 करोड़ का चूना, 7 स्‍टार एक्‍सपोर्टर ने भी लिया फर्जी IGST रिफंड

सूत्रों के मुताबिक फर्जी तरीके से आईजीएसटी रिफंड लेने वालों में 7 स्टार एक्सपोर्टस दर्जा प्राप्त निर्यातक भी शामिल हैं, जिन्होंने ने 28.9 करोड़ रुपए का फर्जी आईसीएसटी रिफंड लिया है।

India TV Paisa Desk India TV Paisa Desk
Published on: July 17, 2020 12:39 IST
CBIC says 1,377 exporters fraudulently claimed IGST refund of ₹1,875 crore- India TV Paisa
Photo:GOOGLE

CBIC says 1,377 exporters fraudulently claimed IGST refund of ₹1,875 crore

नई दिल्‍ली। सेंट्रल बोर्ड ऑफ इनडायरेक्‍ट टैक्‍सेस एंड कस्‍टम्‍स (सीबीआईसी) ने खुलासा किया है कि 1300 से अधिक निर्यातकों, जिसमें कुछ स्‍टार निर्यातक भी शामिल हैं, ने फर्जी तरीके से एकीकृत माल एवं  सेवा कर (आईजीएसटी) रिफंड का दावा कर सरकारी खजाने को 1800 करोड़ रुपए से अधिक का चूना लगाया है।

वित्‍त मंत्रालय के एक सूत्र ने बताया कि कुल 1377 निर्यातकों ने फर्जी तरीके से आईजीएसटी रिफंड का दावा कर 1875 करोड़ रुपए की राशि हासिल की है। सूत्र ने यह भी बताया कि जब इन सभी निर्यातकों की तलाश की गई तो यह अपने कारोबारी पते पर नहीं मिले। सूत्रों के मुताबिक फर्जी तरीके से आईजीएसटी रिफंड लेने वालों में 7 स्‍टार एक्‍सपोर्टस दर्जा प्राप्‍त निर्यातक भी शामिल हैं, जिन्‍होंने ने 28.9 करोड़ रुपए का फर्जी आईसीएसटी रिफंड लिया है।

सूत्रों के मुताबिक जोखिम वाले करदाताओं की सूची में 7516 निर्यातकों के नाम शामिल हैं। 2830 जोखिम वाले निर्यातकों द्वारा किए गए 1363 करोड़ रुपए के आईजीएसटी रिफंड/ड्रॉबैक को निलंबित कर दिया गया है। 2197 जोखिम वाले निर्यातकों के खिलाफ प्रतिकूल रिपोर्ट प्राप्‍त हुई है।

सूत्रों ने बताया कि सीबीआईसी के फील्‍ड अधिकारियों ने पहचान किए गए जोखिल वाले निर्यातकों के खिलाफ 115 करोड़ रुपए के फर्जी मामलों की पहचान की है। 234 सप्‍लायर्स की वेरीफ‍िकेशन हासिल हुई है, जिसमें से 82 सप्‍लायर्स का पंजीकृत पता भी फर्जी पाया गया है।

कस्‍टम, जीएसटी, इनकम टैक्‍स और डीजीएफटी डाटा के आधार पर विशिष्‍ट जोखिम संकेतों पर जोखिम वाले निर्यातकों की पहचान की जाती है। इन पहचान किए गए जोखिम वाले निर्यातकों की जानकारी मानक परिचालन प्रक्रिया के तहत सीजीएसटी को दी जाती है ताकि वो इनका भौतिक और वित्‍तीय सत्‍यापन कर सके।   

सूत्रों के मुताबिक 995 मामलों में, सीजीएसटी से सकारात्‍मक रिपोर्ट प्राप्‍त हुई हैं। इनमें से 461 मामलों में 273 करोड़ रुपए का आईजीएसटी रिफंड/ड्रॉबैक को निलंबित कर दिया गया है। इन जोखिम वाले निर्यातकों की जानकारी न्‍याय क्षेत्राधिकार वाले प्राधिकरण को सौंप दी गई है, जो इनके द्वारा हासिल किए गए अयोग्‍य इनपुट टैक्‍स क्रेडिट (आईटीसी) का भौतिक और वित्‍तीय सत्‍यापन करेंगे।   

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