नई दिल्ली। वाहन कलपुर्जे बनाने वाली मिंडा कॉरपोरेशन की जर्मनी स्थित अनुषंगी मिंडा केटीएसएन प्लास्टिक सॉल्युशंस ने अपने को दिवालिया घोषित करते हुए वहां कानूनी संरक्षण के लिए आवेदन किया है। कंपनी के अपनी अनुषंगी में और निवेश नहीं करने का निर्णय किया था। उसके बाद अनुषंगी ने वहां दिवाला प्रकिया के तहत पुनर्गठन का आवोदन किया है।
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कंपनी के बयान के मुताबिक उसके निदेशक मंडल ने नौ जून की बैठक में मिंडा केटीएसएन प्लास्टिक सॉल्युशंस को और अधिक वित्तीय सहायता देने के फैसले की समीक्षा की। कोविड-19 संकट के प्रभाव और मिंडा केटीएसएन मौजूदा एवं भविष्य की नकदी जरूरतों को देखते हुए निदेशक मंडल ने इसमें और निवेश नहीं करने का निर्णय किया। इसके बाद मिंडा केटीएसएन ने मंगलवार को जर्मनी में अपने दिवालिया होने के दस्तावेज दाखिल कर दिए।
मिंडा ने वर्ष 2007 में इस कंपनी का अधिग्रहण किया था। कंपनी इसमें 3.5 करोड़ यूरो का निवेश पहले ही कर चुकी है। कंपनी के चेयरमैन और समूह मुख्य कार्यकारी अधिकारी अशोक मिंडा ने कहा कि उन्हें दिवालिया दस्तावेज दाखिल करने के बावजूद दीर्घावधि में इससे कंपनी के सभी हितधारकों को लाभ होने की उम्मीद है।