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प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना 2.0 में हो सकता है फसल बीमा के प्रीमियम में बदलाव

 Edited By: India TV Paisa Desk
 Published : Mar 02, 2020 02:16 pm IST,  Updated : Mar 02, 2020 02:16 pm IST

सरकार ने बड़ा बदलाव करते हुए इसे किसानों के लिए वैकल्पिक बना दिया है।

Crop insurance premium may change in PMFBY 2.0- India TV Hindi
Crop insurance premium may change in PMFBY 2.0

नई दिल्‍ली। केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा मौजूदा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में बदलाव को मंजूरी देने के बाद फसल बीमा के प्रीमियम में बदलाव हो सकता है। सोमवार को यह बात एक बीमा कंपनी के वरिष्‍ठ अधिकारी ने कही। नई कृषि बीमा योजना, जिसे पीएमएफबीवाई 2.0 भी कहा जा रहा है, में सरकार ने बड़ा बदलाव करते हुए इसे किसानों के लिए वै‍कल्पिक बना दिया है। फरवरी, 2016 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लॉन्‍च की गई यह योजना लोन लेने वाले किसानों के लिए पीएफएफबीवाई के तहत बीमा कवर लेना अनिवार्य था। वर्तमान में, कुल किसानों में से 58 प्रतिशत ने ऋण ले रखा है।  

एग्रीकल्‍चर इंश्‍योरेंस कंपनी ऑफ इंडिया लिमिटेड (एआईसीआईएल) के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्‍टर मलय कुमार पोद्दार ने कहा कि हम अभी विस्‍तरित दिशा-निर्देशों का इंतजार कर रहे हैं। हां, नए बदलाव को देखते हुए मुझे लगता है कि हमें अपने उत्‍पादों और फसल बीमा के प्रीमियम में संशोधन करना होगा।

सार्वजनिक क्षेत्र की फसल बीमा कंपनी के अधिकारी ने हालांकि यह नहीं बताया कि प्रीमियम बढ़ेगा या नहीं। लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि जोखिम कवरेज के हिसाब से प्रीमियम बढ़ सकता है। नाम न बताने की शर्त पर एक वरिष्‍ठ अधिकरी ने कहा कि कृषि ऋण लेने वाले और न लेने वाले दोनों के लिए अब फसल बीमा वैकल्पिक हो गया है, इससे बीमा कवर लेने वाले किसानों की संख्‍या घट सकती है, जिसकी वजह से कंपनियों की लागत बढ़ेगी।

पोद्दार ने कहा कि मौजूदा योजना में, फसल बीमा कवरेज में पांच राइडर्स हैं लेकन नई योजना के तहत, एक किसान अपनी जरूरत के हिसाब से जोखिम कवर का चुनाव कर सकता है। एआईसीआईएल के पास वर्तमान में देश में फसल बीमा बेचने का लाइसेंस है और उसने आईआरडीएआई से कृषि और संबद्ध क्षेत्र के लिए अन्‍य बीमा उत्‍पाद पेश करने के लिए मंजूरी मांगी है।

कंपनी ने कहा है कि उसका लक्ष्‍य अपने आप को फसल बीमा तक सीमित रखने के बजाये ग्रामीण जनसंख्‍या के लिए व्‍यापक बीमा उत्‍पाद पेश करने का है। पोद्दार ने कहा कि ग्रामीण व्‍यापक बीमा उत्‍पादों के लिए उन्‍हें भविष्‍य में आईआरडीएआई से मंजूरी मिलने की पूरी संभावना है, जो कृषि, मत्‍स्‍य पालन, पशु पालन और कृषि उपकरणों से जुड़े क्षेत्रों को कवर करेगा।    

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