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धमकी, बदसलूकी और डराने का खेल खत्म! लोन रिकवरी एजेंट्स की हर कॉल होगी रिकॉर्ड

 Edited By: Shivendra Singh
 Published : Feb 13, 2026 02:44 pm IST,  Updated : Feb 13, 2026 02:44 pm IST

लोन की किस्त चूकते ही लगातार आने वाली धमकी भरी कॉल, अपमानजनक भाषा और घर पहुंचकर दबाव बनाने की शिकायतें अब अतीत बन सकती हैं। ग्राहकों को राहत देने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने कर्ज वसूली एजेंटों के कामकाज को लेकर सख्त नियमों का मसौदा जारी किया है।

रिकवरी एजेंट्स की...- India TV Hindi
रिकवरी एजेंट्स की गुंडागर्दी रोकने के लिए लागू हुआ नया नियम Image Source : CANVA

लोन की किस्त लेट होते ही फोन पर गाली-गलौज, धमकी या बार-बार कॉल कर परेशान करना ऐसी शिकायतें अब बीते दिनों की बात हो सकती हैं। ग्राहकों की बढ़ती शिकायतों और रिकवरी प्रक्रिया में अनुशासन लाने के उद्देश्य से भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने कर्ज वसूली एजेंटों के लिए सख्त नियमों का मसौदा जारी किया है। प्रस्तावित नियमों के तहत अब हर रिकवरी कॉल की रिकॉर्डिंग अनिवार्य होगी और एजेंट्स को सभ्य तरीके से बातचीत करनी होगी।

RBI के मसौदे में स्पष्ट किया गया है कि बैंक यह सुनिश्चित करेंगे कि वसूली एजेंट द्वारा उधारकर्ता को किए गए सभी फोन कॉल रिकॉर्ड किए जाएं। यानी अब एजेंट की हर बात का डिजिटल सबूत मौजूद रहेगा। अगर कोई एजेंट अभद्र भाषा का इस्तेमाल करता है या ग्राहक को डराने-धमकाने की कोशिश करता है, तो उसकी जवाबदेही तय करना आसान होगा। यह कदम ग्राहकों के अधिकारों की रक्षा और बैंकिंग व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में बड़ा बदलाव माना जा रहा है।

सभ्य व्यवहार अनिवार्य

मसौदे के मुताबिक, बैंक कर्मचारी या वसूली एजेंट को कर्जदार के साथ शालीनता और मर्यादा बनाए रखते हुए व्यवहार करना होगा। फोन पर ही नहीं, बल्कि यदि एजेंट वसूली के लिए उधारकर्ता के घर जाता है, तब भी उसे संयमित और सम्मानजनक आचरण रखना अनिवार्य होगा।

अब दबाव बनाने, परिवार के सदस्यों को परेशान करने या सार्वजनिक रूप से अपमानित करने जैसी हरकतों पर रोक लगेगी। इससे ग्राहकों को मानसिक तनाव से राहत मिलने की उम्मीद है।

ट्रेनिंग होगा अनिवार्य

RBI ने यह भी प्रस्तावित किया है कि वसूली एजेंटों के लिए इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ बैंकिंग एंड फाइनेंस (IIBF) द्वारा संचालित लोन वसूली ट्रेनिंग को अनिवार्य किया जाए। यानी अब कोई भी व्यक्ति बिना उचित ट्रेनिंग और प्रमाणपत्र के रिकवरी एजेंट नहीं बन सकेगा। इससे एजेंटों को कानूनी प्रावधानों, ग्राहक अधिकारों और पेशेवर व्यवहार के बारे में स्पष्ट जानकारी मिलेगी, जिससे विवादों की संभावना कम होगी।

बैंकों पर बढ़ेगी जवाबदेही

विशेषज्ञों का मानना है कि यह मसौदा लागू होने के बाद लोन वसूली की प्रक्रिया ज्यादा संतुलित और पारदर्शी बनेगी। ग्राहकों को अब बिना वजह डरने की जरूरत नहीं होगी, वहीं बैंकों को भी अपने एजेंट्स की एक्टिविटी पर कड़ी निगरानी रखनी होगी।

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