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टाटा विवाद: मिस्त्री ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ दायर की समीक्षा याचिका, कहा - इसमें कई गलतियां

 Edited By: India TV Paisa Desk
 Published : Apr 28, 2021 08:25 am IST,  Updated : Apr 28, 2021 08:33 am IST

शापूरजी पलोंजी समूह ने टाटा समूह के खिलाफ उसके मामले में उच्चतम न्यायालय के 26 मार्च के फैसले के खिलाफ शीर्ष अदालत में समीक्षा याचिका दायर की है।

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टाटा विवाद: सुप्रीम कोर्ट का आदेश न्याय का गर्भपात, मिस्त्री ने समीक्षा याचिका में कहा इसमें कई गलतियां Image Source : FILE

मुंबई। शापूरजी पलोंजी समूह ने टाटा समूह के खिलाफ उसके मामले में उच्चतम न्यायालय के 26 मार्च के फैसले के खिलाफ शीर्ष अदालत में समीक्षा याचिका दायर की है। उच्चतम न्यायालय ने टाटा समूह के खिलाफ शापूरजी पलोंजी समूह के मामले को खारिज कर दिया था। शापूरजी पलोंजी ने 26 मार्च के उच्चतम न्यायालय के फैसले को कंपनी कानून की बुनियाद के खिलाफ बताते हुये इसे अल्पांश शेयरधारकों के अधिकारों के साथ ज्यादती बताया।

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शापूरजी पलोंजी के मिस्त्री का कहना है कि शीर्ष अदालत के फैसले के पीछे जो है वह इतना खराब है कि उसकी समीक्षा की आवश्यकता है। यह फैसला तत्कालीन मुख्य न्यायधीश एस ए बोबडे की अध्यक्षता वाली तीन न्याायधीशों की पीठ ने दिया था। मिस्त्री की समीक्षा याचिका में कहा गया है कि फैसला कंपनी अधिनियम 2013 और संविधान के विपरीत है। क्योंकि इसमें साइरस मिस्त्र को समूह के चेयरमैन पद से हटाने के लिए टाटा समूह द्वारा कंपनी के खुद के संविधान के उल्लंघन का उचित बताया गया है। इस प्रकार कुल मिलाकर यह फैसला अपने आप में विरोधाभासी है।

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मिस्त्री समूह द्वारा 24 अप्रैल को दायर समीक्षा याचिका में फैसले में हुई गलतियों को ठीक करने का आग्रह किया गया है। इसमें कहा गया है कि यदि इनपर ध्यान नहीं दिया गया तो यह अन्य अल्पांश शेयरधारकों के अधिकारों पर भी प्रभाव डालेगा और यह उन्हें कंपनी कानून के तहत मिली उनकी सुरक्षा को समाप्त कर देगा। 

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