1. You Are At:
  2. Hindi News
  3. पैसा
  4. बिज़नेस
  5. जी-7 के देशों के बीच ऐतिहासिक करार, प्रौद्योगिकी कंपनियों को करना होगा उचित कर का भुगतान

जी-7 के देशों के बीच ऐतिहासिक करार, प्रौद्योगिकी कंपनियों को करना होगा उचित कर का भुगतान

ब्रिटेन के वित्त मंत्री ऋषि सुनक ने कहा है कि दुनिया के अमीर देशों ने कर अपवंचना से बचाव के लिए एक ऐतिहासिक वैश्विक करार पर हस्ताक्षर किए हैं। इससे यह सुनिश्चित होगा कि वैश्विक प्रौद्योगिकी कंपनियां उचित तरीके से अपने हिस्से के कर का भुगतान करें।

India TV Paisa Desk India TV Paisa Desk
Updated on: June 05, 2021 18:22 IST
जी-7 के देशों के बीच ऐतिहासिक करार, प्रौद्योगिकी कंपनियों को करना होगा उचित कर का भुगतान- India TV Paisa
Photo:AP

जी-7 के देशों के बीच ऐतिहासिक करार, प्रौद्योगिकी कंपनियों को करना होगा उचित कर का भुगतान

लंदन: ब्रिटेन के वित्त मंत्री ऋषि सुनक ने कहा है कि दुनिया के अमीर देशों ने कर अपवंचना से बचाव के लिए एक ऐतिहासिक वैश्विक करार पर हस्ताक्षर किए हैं। इससे यह सुनिश्चित होगा कि वैश्विक प्रौद्योगिकी कंपनियां उचित तरीके से अपने हिस्से के कर का भुगतान करें। सुनक ने बताया कि समूह सात (जी-7) के देशों के वित्त मंत्रियों ने लंदन में बैठकों के दूसरे और अंतिम दिन करार पर हस्ताक्षर किए। सुनक ने ट्विटर पर डाले गए वीडियो संदेश में कहा, ‘‘मुझे इस बात की खुशी है कि कई वर्षों के विचार-विमर्श के बाद जी-7 के वित्त मंत्रियों ने आज वैश्विक कराधान प्रणाली में सुधार के लिए ऐतिहासिक करार पर हस्ताक्षर किए हैं। इससे यह सुनिश्चित होगा कि सही कंपनियां सही स्थान पर सही कर का भुगतान करें।

जी-7 क्या है?

जी-7 दुनिया की सात सबसे बड़ी कथित विकसित और उन्नत अर्थव्यवस्था वाले देशों का समूह है, जिसमें कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान, ब्रिटेन और अमरीका शामिल हैं। इसे ग्रुप ऑफ़ सेवन भी कहते हैं।

समूह खुद को "कम्यूनिटी ऑफ़ वैल्यूज" यानी मूल्यों का आदर करने वाला समुदाय मानता है। स्वतंत्रता और मानवाधिकारों की सुरक्षा, लोकतंत्र और क़ानून का शासन और समृद्धि और सतत विकास, इसके प्रमुख सिद्धांत हैं।

जी-7 देशों के मंत्री और नौकरशाह आपसी हितों के मामलों पर चर्चा करने के लिए हर साल मिलते हैं। प्रत्येक सदस्य देश बारी-बारी से इस समूह की अध्यक्षता करता है और दो दिवसीय वार्षिक शिखर सम्मेलन की मेजबानी करता है।

यह प्रक्रिया एक चक्र में चलती है। ऊर्जा नीति, जलवायु परिवर्तन, एचआईवी-एड्स और वैश्विक सुरक्षा जैसे कुछ विषय हैं, जिन पर पिछले शिखर सम्मेलनों में चर्चाएं हुई थीं। शिखर सम्मेलन के अंत में एक सूचना जारी की जाती है, जिसमें सहमति वाले बिंदुओं का जिक्र होता है। सम्मलेन में भाग लेने वाले लोगों में जी-7 देशों के राष्ट्र प्रमुख, यूरोपीयन कमीशन और यूरोपीयन काउंसिल के अध्यक्ष शामिल होते हैं।

Write a comment
Click Mania
bigg boss 15