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Budget 2020: मांग बढ़ाने के लिए बजट में बड़ी घोषणा होने की उम्‍मीद, मिल सकती है आयकर में राहत

 Edited By: India TV Paisa Desk
 Published : Jan 24, 2020 11:30 am IST,  Updated : Jan 24, 2020 03:46 pm IST

सर्वे के अनुसार व्यक्तिगत आयकर में कटौती के जरिये फिर से प्रोत्साहन दिया जा सकता है। ज्यादातर लोगों का मानना है कि 2.5 लाख रुपए की न्यूनतम आयकर सीमा को बढ़ाया जाएगा।

India Inc expecting budget 2020 to lower personal income tax rates- India TV Hindi
India Inc expecting budget 2020 to lower personal income tax rates

नई दिल्‍ली। भारतीय कंपनियों ने सुस्‍त पड़ी अर्थव्‍यवस्‍था में मांग एवं खपत बढ़ाने के लिए आगामी बजट में व्यक्तिगत आयकर दरों में कटौती की उम्मीद जताई है। उनका मानना है कि कॉरपोरेट टैक्‍स में उल्लेखनीय कटौती के बाद अब व्यक्तिगत आयकर में कमी की जा सकती है। बजट से पहले किए गए एक सर्वे में यह बात सामने आई है।

कर परामर्श कंपनी केपीएमजी के सर्वे के अनुसार ज्यादातर लोगों का मानना है कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आयकर छूट सीमा मौजूदा 2.5 लाख रुपए सालाना से आगे बढ़ा सकती हैं। यहां यह उल्लेखनीय है कि वित्त मंत्री ने चालू वित्त वर्ष के बजट में करदाताओं की पांच लाख रुपए तक की कर योग्य आय को करमुक्त किया हुआ है। तमाम छूट और रियायतों के बाद यदि कर योग्य आय पांच लाख रुपए से कम रहती है तो कोई कर देय नहीं होगा।

हालांकि, जहां तक कर स्लैब का मुद्दा है, उसमें कोई बदलाव नहीं किया गया। व्यक्तिगत आयकर स्लैब में 2.5 लाख से पांच लाख रुपए तक की आय पर पांच प्रतिशत की दर से कर देय है। वहीं पांच लाख से 10 लाख तक 20 प्रतिशत और 10 लाख रुपए से अधिक के लिए 30 प्रतिशत की दर से आयकर लागू है। इसके अलावा वरिष्ठ नागरिकों और बुजुर्गों की आय में अधिक छूट है। कर पर उपकर और अधिभार भी लगता है।  

सर्वे में शामिल लोगों में से ज्यादातर का यह भी मानना है कि सरकार एक फरवरी को पेश होने वाले बजट में मानक कटौती बढ़ाएगी तथा आवास कर्ज के मामले में और प्रोत्साहन दे सकती है। उल्लेखनीय है कि सरकार ने कंपनियों के लिए कॉरपोरेट टैक्‍स की दर घटाकर 25 प्रतिशत और विनिर्माण क्षेत्र में उतरने वाली नई कंपनियों के लिए 15 प्रतिशत की दर से कर लगाने की घोषणा की है। हालांकि, इस दर से कर लगाने के साथ कंपनियों को विभिन्न मद में दी जाने वाली तमाम रियायतों और छूट को समाप्त कर दिया गया है।

हालांकि, इस कदम को सराहा गया और आर्थिक वृद्धि को बढ़ाने वाला बताया गया। लेकिन सितंबर तिमाही में आर्थिक वृद्धि दर छह साल के न्यूनतम स्तर 4.5 प्रतिशत पर आ गई, जो पिछली तिमाही में 5 प्रतिशत थी। बजट पूर्व किए गए इस सर्वे में 215 कंपनियों को शामिल किया गया। अधिकांश प्रतिभागियों का यह भी मानना है कि विदेशी कंपनियों के लिए भी घरेलू कंपनियों की तरह कर की दर में कमी आनी चाहिए।

सर्वे के अनुसार व्यक्तिगत आयकर में कटौती के जरिये फिर से प्रोत्साहन दिया जा सकता है। ज्यादातर लोगों का मानना है कि 2.5 लाख रुपए की न्यूनतम आयकर सीमा को बढ़ाया जाएगा। साथ ही 30 प्रतिशत दर के दायरे में आने वाली आय सीमा को भी बढ़ाया जा सकता है। इससे पिछले साल ब्याज दर में हुई कटौती के साथ उपभोक्ता मांग बढ़ाने में मदद मिल सकती है। सर्वे में 50 प्रतिशत प्रतिभागियों ने कहा कि निर्यात के लिए सेज इकाइयों को मिला कर अवकाश का लाभ मार्च 2020 के बाद स्थापित इकाइयों को भी दिया जा सकता है। 

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