नाइट फ्रैंक इंडिया की ताजा रिपोर्ट में कहा गया है कि दिल्ली-एनसीआर का रियल एस्टेट बाजार 2025 की दूसरी छमाही में भी मजबूती और लचीलापन दिखाता रहा। भले ही ऑफिस लीजिंग पिछले वर्ष के रिकॉर्ड स्तर से कुछ हद तक स्थिर रही हो, लेकिन कुल ऑफिस स्टॉक के मामले में दिल्ली-एनसीआर भारत का दूसरा सबसे बड़ा बाजार बना रहा, जबकि बेंगलुरु पहले स्थान पर रहा। रिपोर्ट के अनुसार, रेजिडेंशियल सेगमेंट ने तीन वर्षों की तेज गतिविधि के बाद अब नियंत्रित और संतुलित सामान्यीकरण के चरण में प्रवेश किया है। इस दौरान एंड-यूज़र डिमांड, प्रीमियम हाउसिंग की बढ़ती हिस्सेदारी और मजबूत कीमतों ने बाजार को स्थिरता प्रदान की।
2025 में ऑफिस लीजिंग दीर्घकालिक औसत से ऊपर
पूरे साल 2025 के दौरान दिल्ली-एनसीआर में 1.13 करोड़ (11.3 मिलियन) वर्ग फुट की ऑफिस लीजिंग दर्ज की गई, जो अब तक का दूसरा सबसे ऊंचा वार्षिक स्तर है। हालांकि यह आंकड़ा पिछले वर्ष की तुलना में 11% कम रहा, फिर भी यह लॉन्ग-टर्म एवरेज से काफी ऊपर बना रहा। इसके साथ ही, 2025 में देश की कुल ऑफिस लीजिंग में दिल्ली-एनसीआर की हिस्सेदारी 13% रही, जो इसे भारत के सबसे सक्रिय और लिक्विड ऑफिस मार्केट्स में शामिल करती है।
दूसरी छमाही में लीजिंग में सुस्ती, सप्लाई में तेजी
2025 की दूसरी छमाही में दिल्ली-एनसीआर में 4.1 मिलियन वर्ग फुट की ऑफिस लीजिंग हुई, जो साल-दर-साल आधार पर 42% की गिरावट को दर्शाती है। इसका मुख्य कारण पिछले वर्ष का उच्च बेस और कुछ समय के लिए रेडी-टू-मूव ग्रेड-A स्पेस की सीमित उपलब्धता रहा। हालांकि, ऑफिस सप्लाई के मोर्चे पर स्थिति मजबूत बनी रही। 2025 में NCR में 9.6 मिलियन वर्ग फुट की ऑफिस कंप्लीशन दर्ज की गई, जो 71% की वार्षिक वृद्धि है और 2019 के बाद का सबसे ऊंचा स्तर है। सिर्फ दूसरी छमाही 2025 में ही ऑफिस कंप्लीशन 108% सालाना आधार पर बढ़कर 5.5 मिलियन वर्ग फुट तक पहुंच गई। इस नई सप्लाई का बड़ा हिस्सा गुरुग्राम और नोएडा में अग्रणी डेवलपर्स की परियोजनाओं से आया।
गुरुग्राम एनसीआर में सबसे बड़ा ऑफिस मार्केट
रिपोर्ट में कहा गया है कि गुरुग्राम एनसीआर में सबसे बड़ा ऑफिस मार्केट बना रहा, जिसमें सालाना ट्रांजैक्शन का 61% हिस्सा था, जिसकी अगुवाई NH-48, गोल्फ कोर्स रोड, गोल्फ कोर्स एक्सटेंशन रोड और उद्योग विहार जैसे मुख्य माइक्रो-मार्केट ने की। नोएडा में सालाना लीजिंग का 27% हिस्सा था, जिसे बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और जेवर में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर जल्द ही शुरू होने वाले ऑपरेशन से सपोर्ट मिला।



































