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भारत अब नहीं रहा विकासशील देश, वर्ल्‍ड बैंक ने दिया 'लोअर-मिडिल-इनकम' इकोनॉमी का दर्जा

 Written By: Abhishek Shrivastava
 Published : Jun 04, 2016 04:05 pm IST,  Updated : Jun 04, 2016 04:05 pm IST

वर्ल्‍ड बैंक का नया वर्गीकरण कई देशों के लिए एक बड़ा झटका है। भारत अब विकासशील देश नहीं कहलाएगा। भारत को 'लोअर मिडिल इनकम' वाले देशों में शामिल किया गया है।

Change Classification: भारत अब नहीं रहा विकासशील देश, वर्ल्‍ड बैंक ने दिया ‘लोअर-मिडिल-इनकम’ इकोनॉमी का दर्जा- India TV Hindi
Change Classification: भारत अब नहीं रहा विकासशील देश, वर्ल्‍ड बैंक ने दिया ‘लोअर-मिडिल-इनकम’ इकोनॉमी का दर्जा

नई दिल्‍ली। पिछले कुछ दशकों से भारत दुनियाभर के विकासशील देशों के बीच एक प्रमुख राष्‍ट्र के रूप में उभरा है। अगली बड़ी आर्थिक शक्ति बनने के लिए भारत का सीधा मुकाबला चीन, ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका के साथ है। लेकिन वर्ल्‍ड बैंक का नया वर्गीकरण कई देशों के लिए एक बड़ा झटका है। इस नए वर्गीकरण के बाद भारत अब विकासशील देश नहीं कहलाएगा। भारत को ‘लोअर मिडिल इनकम’ वाले देशों में शामिल किया गया है।

इस नए नामकरण में वर्ल्‍ड बैंक ने देशों को विभिन्‍न श्रेणियों में रखा है, जिन देशों की प्रति व्‍यक्ति ग्रॉस नेशनल इनकम (जीएनआई) 1046 डॉलर है उन्‍हें इस लिस्‍ट में सबसे नीचे रखा गया है। जिन देशों की प्रति व्‍यक्ति जीएनआई 4126 डॉलर से 12,735 डॉलर के बीच है, उन्‍हें लोअर मिडिल इनकम इकोनॉमी की श्रेणी में रखा गया है।

कमाई के आधार पर किया वर्गीकृत

वर्ल्‍ड बैंक ने भारत और दुनिया के सभी देशों को उनकी कमाई के आधार पर वर्गीकृत किया है। हालांकि खास बात यह है कि चीन को ‘अपर मिडिल इनकम’ देशों की श्रेणी में रखा गया है। नए वर्गीकरण के मुताबिक जिन देशों का ग्रॉस नेशनल इनकम (प्रति व्यक्ति) 1,045 डॉलर से कम है, उन्हें लो इनकम इकोनॉमी कहा जाएगा। वहीं जिन देशों में ये आय 1,046 डॉलर से लेकर 4,125 डॉलर के बीच रहती है, उन्हें लोअर मिडिल इनकम इकोनॉमी कहा जाएगा।

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क्‍यों जरूरत पड़ी नए वर्गीकरण की

वर्ल्‍ड बैंक के डाटा वैज्ञानिक तारिक खोखर के मुताबिक विकासशील देश शब्द का उपयोग बंद करने का फैसला इसलिए किया गया, क्योंकि इस शब्द की कोई स्पष्ट सर्वमान्य परिभाषा नहीं है, जिसके कारण मलेशिया और मालावी दोनों को विकासशील देश माना जाता है। यहां मालावी का जीएनआई 250 डॉलर है, जबकि मेक्सिको का जीएनआई 9860 डॉलर है। इसी तरह 2014 में मलेशिया का सकल घरेलू उत्पाद 338.1 अरब डॉलर था, जबकि मालावी का 4.258 अरब डॉलर था। अब मलेशिया को हाई-मिडिल-इनकम इकोनॉमी और मालावी को लोअर-इनकम इकोनॉमी कहा जा रहा है।

पाकिस्‍तान और श्रीलंका भी भारत की श्रेणी में

अफगानिस्तान, बांग्लादेश और नेपाल को लोअर-इनकम इकोनॉमी की श्रेणी में रखा गया है। पाकिस्तान और श्रीलंका लोअर-मिडिल-इनकम इकोनॉमी हैं। ब्राजील, दक्षिण अफ्रीका और चीन हाई-मिडिल-इनकम वाली इकोनॉमी हैं। रूस और सिंगापुर हाई-इनकम-गैर-ओईसीडी वाली इकोनॉमी हैं। अमेरिका हाई-इनकम-ओईसीडी इकोनॉमी है।

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