Madhya Pradesh finance minister tarun bhanot present state budget 2019-20
भोपाल। मध्य प्रदेश में 15 साल बाद सत्ता में लौटी कांग्रेस सरकार का वित्त वर्ष 2019-20 के लिए पहला पूर्ण बजट वित्त मंत्री तरुण भनोत ने बुधवार को पेश किया। सबसे पहले वित्त मंत्री ने राज्य में व्याप्त जल संकट को देखते हुए राइट-टू-वाटर स्कीम लाने की घोषणा करते हुए कहा कि इंदौर की कान्ह नदी सहित 40 नदियों को पुनर्जीवित करने के लिए योजना शुरू की जाएगी।
वित्तमंत्री ने कहा कि प्रदेश की प्रसिद्ध जलेबी, बर्फी, लड्डू, मावा बाटी और नमकीन की ब्रांडिंग की जाएगी। सरकार नई एमएसएमई यूनिट शुरू कर रही है, इसके लिए 17 हजार लोगों को ट्रेनिंग शुरू कर दी गई है। उन्नत खेती के लिए सरकार किसानों को ट्रेनिंग देगी। सरकार राइट टू वाटर स्कीम ला रही है। इंदौर की कान्ह नदी सहित 40 नदियों को पुनर्जीवित करने के लिए योजना शुरू की जाएगी। जबलपुर में रिवर फ्रंट बनाया जाएगा।
दतिया, रीवा और उज्जैन में हवाई सेवा शुरू की जाएगी। सामाजिक सुरक्षा पेंशन दोगुनी करने की तैयारी की गई है। पुजारियों के लिए विशेष कोष बनाया जाएगा। मनरेगा के लिए 2500 करोड़ रुपए दिए जाएंगे। पुलिस फोर्स को मजबूत बनाया जाएगा, साइबर पुलिस को नई तकनीक से लैस किया जाएगा। गृह विभाग के लिए 7635 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
आवासहीनों को पट्टा दिया जाएगा। मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार देशभक्ति को बढ़ावा देगी। सरकार का फोकस बांस के उत्पादन पर रहेगा। इस साल 18-19 अक्टूबर को मेग्नीफिशएन्ट एमपी का आयोजन इंदौर में होगा। इसके जरिए मध्य प्रदेश में निवेश को आकर्षित किया जाएगा। मुख्यमंत्री कन्यादान योजना की राशि बढ़ाई गई है। तीन नए मेडिकल कॉलेज खोले जाएंगे।
प्रदेश में नई एमएसएमई नीति शुरू होगी। रोजगार गारंटी योजना के तहत सरकार ने युवा स्वाभिमान योजना शुरू की। प्रदेश सरकार ने तीस लाख किसानों का कर्जा माफ किया है। फूड प्रोसेसिंग पर सरकार का फोकस होगा। महिलाओं के लिए ई-रिक्शा योजना लाई जाएगी।
प्रदेश के खान-पान को दुनिया में नई पहचान दिलाई जाएगी। किसानों के लिए कृषक बंधु योजना की शुरू होगी। बागवानी और प्रसंस्करण के लिए 400 करोड़ का प्रावधान। अंतरराष्ट्रीय स्तर की स्वीमिंग और फुटबॉल एकेडमी शुरू होगी। प्रदेश में तीन नए सरकारी महाविद्यालय शुरू होंगे।
अल्पसंख्यक आयोग और मध्य प्रदेश वक्फ वोर्ड, हज कमेटी का अनुदान बढ़ाया गया। इंदौर-भोपाल एक्सप्रेस वे के साथ सेटेलाइट सिटी बनाई जाएंगी। भोपाल, इंदौर और ग्वालियर में बर्न यूनिट बनाई जाएगी। एएनएम और कम्यूनिटी हेल्थ ऑफिसर के खाली पड़े पद भरे जाएंगे। भोपाल में आधुनिक लाइब्रेरी खोली जाएगी। स्कूल शिक्षा विभाग के लिए बजट में 24 हजार करोड़ का प्रावधान।
मंदिर की जमीनों को सरकारी निधि से विकसित किया जाएगा। नई गौशालाएं खोली जाएंगी। ग्वालियर और जबलपुर में खाद्य प्रसंस्करण यूनिट स्थापित की जाएंगी। कृषक बंधु योजना शुरू की जाएगी। प्रदेश में क्षेत्रीय उत्पादों, जैसे भिंड के पेड़े, सागर की चिरोंजी की बर्फी, मुरैना की गजक की ब्रांडिग की जाएगी। इन उत्पादों के लिए बड़ा बाजार उपलब्ध कराया जाएगा।






































