अगर आपके पास कार है और आप भी फास्टैग एनुअल पास खरीदने का प्लान बना रहे हैं तो ये खबर सिर्फ आपके लिए ही है। जी हां, अगर आप अपनी गाड़ी के लिए फास्टैग एनुअल पास खरीदने जा रहे हैं तो आपको सावधान रहना होगा, अगर आप थोड़ी भी लापरवाही करते हैं तो आपको 3000 रुपये का चूना लग सकता है। दरअसल, साइबर क्रिमिनल्स ने फ्रॉड का एक नया तरीका ढूंढ लिया है और वो अब फास्टैग एनुअल पास खरीदारों को जाल में फंसा रहे हैं। NHAI (नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया) ने इस मामले में एक चेतावनी जारी की है।
Rajmargyatra ऐप पर ही मिलता है फास्टैग एनुअल पास
NHAI के मुताबिक, कई फर्जी वेबसाइट और लिंक 1 साल की वैलिडिटी वाले फास्टैग एनुअल पास की बिक्री का दावा कर रही हैं। जबकि, फास्टैग एनुअल पास सिर्फ Rajmargyatra मोबाइल ऐप से ही खरीदा जा सकता है। Rajmargyatra ऐप के अलावा, ये फास्टैग एनुअल पास कहीं नहीं मिलता है। अगर कोई भी व्यक्ति किसी वेबसाइट या लिंक के जरिए आपको फास्टैग एनुअल पास बेचता है तो आपको सावधान हो जाना चाहिए क्योंकि ये एक जाल है और इसमें फंसने से आपको हजारों रुपये का नुकसान हो सकता है।
NHAI ने एक्स पर किया पोस्ट
NHAI ने एक्स पर किए गए पोस्ट में लिखा है, ''NHAI ने नेशनल हाईवे इस्तेमाल करने वालों को नकली वेबसाइटों और अनधिकृत लिंक से सावधान किया है, जो FASTag एनुअल पास बेचने का दावा कर रहे हैं। कृपया ध्यान दें कि FASTag एनुअल पास सिर्फ आधिकारिक राजमार्गयात्रा ऐप के जरिए ही खरीदा जा सकता है। कोई भी दूसरी वेबसाइट या प्लेटफॉर्म जो एनुअल पास दे रहा है, वो ऑथराइज्ड नहीं है और इससे फाइनेंशियल फ्रॉड या पर्सनल डिटेल्स का गलत इस्तेमाल हो सकता है। सुरक्षित रहने के लिए, अनजान लिंक पर क्लिक करने से बचें, अपनी गाड़ी या FASTag की डिटेल्स अनजान सोर्स के साथ शेयर न करें और हमेशा राजमार्गयात्रा ऐप का इस्तेमाल करें।''



































