वॉशिंगटन। भारतीय रिटेल बाजार में अपने पैर जमाने के लिए अमेरिका की मल्टीनेशनल रिटेल कंपनी वॉलमार्ट पर लॉबिंग के आरोप तो पहले भी लग चुके हैं। लेकिन अब इस कंपनी पर भारत में रिश्वत देने के गंभीर आरोप लग रहे हैं। वॉलस्ट्रीट जनरल की एक रिपोर्ट के मुताबिक वॉलमार्ट ने भारत में स्थानीय कर्मचारियों को छोटी-छोटी राशि का हजारों बार भुगतान किया है। यह भुगतान सीमा शुल्क विभाग से अपना इंपोर्टेड सामान छुड़ाने, जमीन सौदे संबंधी मंजूरी हासिल करने आदि के लिए किया गया है। हालांकि वॉलमार्ट ने इन आरोपो पर अभी तक अपनी कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।
5 से 200 डॉलर तक दी रिश्वत
अखबार में छपी रिपोर्ट के मुताबिक वॉलमार्ट ने 200 डॉलर से भी कम राशि का भुगतान कई बार किया है। कंपनी ने कई बार तो पांच डॉलर तक की भी रिश्वत दी है। इस तरह हुए छोटे-छोटे भुगतान की कुल राशि करोड़ों डॉलर में पहुंच चुकी है।कंपनी ने 2007 में भारती एंटरप्राइजेज के साथ ज्वाइंट वेंचर में भारत में प्रवेश किया था। इसके बाद 2013 में वॉलमार्ट ने भारती एंटरप्राइजेज का साथ छोड़कर अकेले ही थोक कैश एंड कैरी स्टोर चलाने का फैसला किया।
पहले भी लगे हैं लॉबिंग के आरोप
वॉलमार्ट पर लॉबिंग करने के आरोप पहले भी लग चुके हैं। खुद अमेरिकी संसद ने यह माना है कि वॉलमार्ट ने अपने कारोबार को फैलाने के लिए लॉबिंग की और इस पर अरबों डॉलर की राशि खर्च की। अमेरिकी संसद की विभिन्न रिपोर्टों में कहा गया है कि भारत में मल्टी-ब्रांड रिटेल सेक्टर में उसके लिए रास्ता बनाने के लिए वॉलमार्ट ने अमेरिकी कांग्रेस में लॉबिंग की थी।
लेकिन नहीं लगाया जा सकता जुर्माना
खबर के मुताबिक वालमार्ट की बड़े पैमाने पर रिश्वत देने की कोशिश के लिए उसे अमेरिका के विदेशी भ्रष्ट व्यवहार अधिनियम (एफसीपीए) के प्रावधानों के मुताबिक दंडित नहीं किया जा सकता, क्योंकि उसे भारतीय परिचालन से कोई मुनाफा नहीं हुआ है। अखबार ने कहा कि इस घटनाक्रम से जुड़े लोगों के मुताबिक एफसीपीए के तहत जुर्माना अक्सर कथित भ्रष्ट गतिविधियों से अर्जित आय की राशि से संबद्ध होता है। भारत में किए गए भुगतान पर कोई बड़ा जुर्माना नहीं लगेगा, क्योंकि यहां वॉलमार्ट का ऑपरेशन मुनाफे में नहीं रहा है।
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