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Nomura ने 2021-22 के लिए अपने आर्थिक वृद्धि दर के अनुमान को घटाया, GDP वृद्धि रहेगी 10.8%

Edited by: India TV Paisa Desk Published : May 11, 2021 07:34 pm IST, Updated : May 11, 2021 07:34 pm IST

ब्रोकरेज कंपनी ने कहा कि जीडीपी वृद्धि दर के अनुमान में कमी का कारण लॉकडाउन की वजह से जून तिमाही में होने वाला नुकसान है।

Nomura cuts FY22 growth estimate to 10.8% due to lockdowns- India TV Paisa
Photo:PTI

Nomura cuts FY22 growth estimate to 10.8% due to lockdowns

नई दिल्‍ली। जापान की ब्रोकरेज कंपनी नोमुरा ने मंगलवार को कोरोना वायरस महामारी की दूसरी लहर और उसकी रोकथाम के लिए स्थानीय स्तर पर लगाए गए लॉकडाउन के प्रभाव का हवाला देते हुए वित्त वर्ष 2021-22 के लिए भारत की सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वृद्धि दर के अनुमान को घटाकर 10.8 प्रतिशत कर दिया है। पूर्व में उसने 12.6 प्रतिशत वृद्धि दर का अनुमान जताया था। नोमुरा ने कहा कि उसके आकलन के तहत गतिविधियों का स्तर नौ मई को समाप्त सप्ताह में महामारी पूर्व स्तर के 64.5 प्रतिशत पर पहुंच गया है। इस सप्ताह इसमें 5 प्रतिशत की और गिरावट आई है।

गतिविधियों का स्तर फिलहाल जून 2020 के स्तर के बराबर है। देश में कोरोना वायरस महामारी को फैलने से रोकने के लिए 20 से अधिक राज्यों ने लॉकडाउन और अन्य पाबंदियां लगाई हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय के मंगलवार को सुबह जारी आंकड़े के अनुसार पिछले 24 घंटे में देश में कोविड-19 के 3.29 लाख मामले सामने आए, जबकि संक्रमण के कारण 3,876 लोगों की मौत हो गई। ब्रोकरेज कंपनी ने कहा कि जीडीपी वृद्धि दर के अनुमान में कमी का कारण लॉकडाउन की वजह से जून तिमाही में होने वाला नुकसान है।

उसने कहा कि हमारा मानना है कि स्थानीय स्तर पर लॉकडाउन से दूसरी तिमाही (अप्रैल-जून) पर असर पड़ेगा। हालांकि, मध्यम अवधि में वैश्विक पुनरूद्धार, सुगम वित्तीय स्थिति जैसी चीजें अभी बरकरार हैं। आधिकारिक रूप से वित्त वर्ष 2020-21 में पिछले साल लगाए गए लॉकडाउन  के कारण अर्थव्यवस्था में 7.6 प्रतिशत की गिरावट का अनुमान है। भारतीय रिजर्व बैंक ने तुलनात्मक आधार कमजोर रहने से 2021-22 में आर्थिक वृद्धि दर 10.5 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया है। वहीं कुछ विश्लेषकों ने आगाह करते हुए कहा है कि अगर दूसरी लहर जून में चरम पर पहुंचती है तो वृद्धि दर 8.2 प्रतिशत तक आ सकती है।

ब्रोकरेज कंपनी के अनुसार लॉकडाउन के कारण गतिविधियां धीमी पड़ी हैं। गूगल का कार्यस्थल और खुदरा तथा मनोरंजन के लिए गतिशीलता सूचकांक 10 प्रतिशत कम हुआ है। साप्ताहिक आधार पर बिजली मांग में 4.1 प्रतिशत की कमी आई है। श्रम भागीदारी दर पिछले सप्ताह के 38.9 प्रतिशत से बढ़कर 41.3 प्रतिशत पर हो गई है। नोमुरा इंडिया बिजनेस रिजम्पशन इंडेक्स’ (एनआईबीआरआई) में उल्लेखनीय गिरावट यह संकेत देता है कि विभिन्न राज्यों में लॉकडाउन से तिमाही दर तिमाही आधार पर वृद्धि दर पर असर पड़ेगा।

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