नई दिल्ली। योग गुरु बाबा रामदेव की पतंजलि आयुर्वेद ने किसी बड़ी कंपनी के अधिग्रहण का अपना पहला अभियान बुधवार को पूरा कर लिया है। हरिद्वार की इस कंपनी ने कहा है कि उसने दिवालिया प्रक्रिया के माध्यम से न्यंट्रीला ब्रांड सोया उत्पाद बनाने वाली रुचि सोया पर नियंत्रण के लिए 4,350 करोड़ रुपए का भुगतान कर दिया है।
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इस अधिग्रहण से पतंजलि को अपने खुद के खाद्य तेल ब्रांडों के साथ-साथ सोयाबीन तेल ब्रांड महकोश और रुचि गोल्ड पर भी नियंत्रण होगा। पतंजलि के प्रवक्ता एसके तिजारावाला ने कहा कि पतंजलि ने वित्तीय ऋणदाताओं के रुचि सोया पर 4,350 करोड़ रुपए का बकाये का भुगतान कर दिया है। उसने यह भुगतान 1,100 करोड़ रुपए की शेयर पूंजी और बाकी 3,250 करोड़ रुपए कर्ज के रूप में जुटाई गई राशि से किया है।
यह राशि एस्क्रो खाते में स्थानांतरित कर दी गई है और वित्तीय लेनदारों को वितरित की जा रही है। संपर्क करने पर, पतंजलि आयुर्वेद के प्रवक्ता एस के तिजारावाला ने कहा कि हमने सभी औपचारिकताओं को पूरा कर लिया है और ऋण और इक्विटी की पूरी राशि जमा कर दी गई है। अब, आधिकारिक तौर पर रूचि सोया पतंजलि समूह की कंपनी बन गई है।