नई दिल्ली। कोरोना वायरस महामारी के कारण वैश्विक अर्थव्यवस्था में आई मंदी की वजह से भारत की कमजोर पड़ी आर्थिक स्थिति में नई जान फूंकने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 15 अगस्त या इससे पहले कुछ बड़ी और नई घोषणाएं कर सकते हैं। इन घोषणाओं में पॉलिसी में बदलाव से लेकर कुछ नए इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट भी शामिल हो सकते हैं।
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इस मामले से जुड़े एक सूत्र ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी अपनी नई घोषणाओं के जरिये कोरोना वायरस से प्रभावित और सुस्त पड़ी भारतीय अर्थव्यवस्था में फिर एक बार तेजी लाने की कोशिश करेंगे। उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक खुद प्रधानमंत्री मोदी इन नए कदमों और योजनाओं की घोषणा अपने स्वतंत्रा दिवस के भाषण में कर सकते हैं।
सूत्रों ने बताया कि पीएम मोदी टैक्स एडमिनिस्ट्रेशन को एक नई दिशा देने की भी घोषणा कर सकते हैं। ये सभी घोषणाएं 13 से 15 अगस्त के बीच हो सकती हैं। भारतीय उद्योग जगत को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने और उनके उत्पादों की पहुंच दुनियाभर में सुनिश्चित करने के लिए पीएम मोदी ने आत्मनिर्भर भारत पहल की शुरुआत की है। पीएम गरीब कल्याण योजना और आत्म निर्भर भारत रिवाइवल प्रोग्राम के बाद नई होने वाली घोषणाओं को काफी अहम माना जा रहा है।
मोदी सरकार ने अभी तक कोरोना वायरस के असर से निपटने के लिए जितनी भी घोषणाएं की हैं, वह सभी उद्योग जगत को बचाने और राहत प्रदान करने वाली हैं, लेकिन ऐसा माना जा रहा है कि अब जो घोषणाएं होंगी वह अर्थव्यवस्था में जान फूंकने पर अधिक केंद्रित होंगी।
सूत्रों के मुताबिक पीएम मोदी टैक्स एडमिनिस्ट्रेशन को डिजिटल तकनीक पर अधिक केंद्रित बनाने की बड़ी घोषणा कर सकते हैं। इसमें करदाताओं के अधिकारों के बारे में भी कुछ बड़ी घोषणा हो सकती है। इसके अलावा रक्षा खरीद और बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं को लेकर भी कोई बड़ी घोषणा हो सकती है।