नई दिल्ली। सायरस मिस्त्री को चेयरमैन पद से हटाने के बाद टाटा ग्रुप को एक और बड़ा झटका लगा है। रेटिंग एजेंसी ब्रिकवर्क ने टाटा स्टील के आने वाले दो इश्यू की रेटिंग को घटा दिया है। ब्रिकवर्क रेटिंग्स ने टाटा स्टील के 4 हजार करोड़ रुपए के अनसिक्योर्ड एनसीडी की रेटिंग निगेटिव आउटलुक के साथ घटाते हुए ‘बीडब्ल्यूआर एए’ कर दी है। पहले कंपनी की रेटिंग ‘बीडब्ल्यूआर एए प्लस’ थी, जिसका आउटलुक भी स्टेबल था। टाटा स्टील ने रेग्युलेटरी फाइलिंग में यह जानकारी दी है।
क्यों घटाई रेटिंग
- एजेंसी के मुताबिक मिस्त्री को हटाए जाने से मैनेजमेंट रिस्क काफी बढ़ गया है।
- इसीलिए एनसीडी और डेट इश्यू की रेटिंग को डाउनग्रेड किया है।
- एजेंसी ने अभी भी टाटा स्टील कंपनी की कैटेगरी में कोई बदलाव नहीं किया है।
- उसे पहले की तरह हाई डिग्री सेफ्टी कैटेगरी में रखा है।
- एनसीडी में ऐसे इश्यू जारी किए जाते हैं, जिन्हें स्टॉक्स में कन्वर्ट नहीं किया जा सकता।
- टाटा स्टील ने यह भी बताया कि उसके 2500 करोड़ के एक अन्य अनसिक्योर्ड डेट इश्यू की रेटिंग भी घटा दी गई है।
- इसके लिए कंपनी की रेटिंग बीडब्ल्यूआर एए से घटाकर बीडब्ल्यूआर एए माइनस कर दी गई है, जिसका आउटलुक भी स्टेबल से निगेटिव कर दिया गया है।
- कंपनियां ऐसे अनसिक्योर्ड इश्यू तब जारी करती हैं, जब उन्हें कर्ज चुकाने के लिए फंड की जरूरत होती है।
मैनेजमेंट रिस्क बढ़ा
- ब्रिकवर्क का कहना है कि सायरस मिस्त्री के हटाए जाने के बाद मैनेजमेंट रिस्क बढ़ा और अब तक ग्रुप लेवल मैनेजमेंट को लेकर स्थिति साफ नहीं हो पाई है।
- एजेंसी का यह भी कहना है कि टॉप मैनेजमेंट में बदलाव किए गए और आगे भी होने हैं, लेकिन अभी कुछ तय नहीं हो पाया है।
- इससे मैनेजमेंट लेवल पर महत्वपूूर्ण फैसले लेने में देरी हो रही है।
टाटा स्टील पर कर्ज बढ़ा
- जून में खत्म होने वाले क्वार्टर में टाटा स्टील का कुल कर्ज बढ़कर 85,475 करोड़ रुपए हो गया, जो पिछले साल की समान अवधि में 81,975 करोड़ रुपए था।
प्रोडक्शन कैपेसिटी 27.8 मिलियन टन सालाना
- टाटा स्टील का ऑपरेशन 26 देशों में है और कंपनी का कमर्शियल ऑपरेशन 50 से ज्यादा देशों में है।
- टाटा स्टील की प्रोडक्शन कैपेसिटी 27.8 मिलियन टन सालाना है।
- अप्रैल से जून के बीच कन्सॉलिडेटेड बेसिस पर कुल घाटा 3183 करोड़ था, जबकि साल 2015-16 में समान अवधि में घाटा 316.91 करोड़ रुपए था।
- कंपनी की टोटल इनकम इस दौरान 6 फीसदी गिरकर 26,406.10 करोड़ रुपए हो गई है जो पिछले साल समान अवधि में 28,025.43 करोड़ रुपए थी।
मिस्त्री चेयरमैन पद से 27 अक्टूबर को हटे थे
- बता दें कि 27 अक्टूबर को टाटा सन्स के चेयरमैन सायरस मिस्त्री को उनके पद से हटा दिया गया था।
- 8 लाख करोड़ रुपए के टाटा ग्रुप ने रतन टाटा को चार महीने के लिए इंटरिम चेयरमैन अप्वाइंट किया गया है।
- अगले चेयरमैन के अप्वाइंटमेंट के लिए एक सर्च पैनल बनाया गया है।
- दूसरी ओर, ग्रुप के सबसे बड़े स्टेक होल्डर शापूरजी एंड पालोनजी ग्रुप ने मिस्त्री को हटाने के फैसले को गैरकानूनी बताया था।