Wednesday, February 11, 2026
Advertisement
  1. Hindi News
  2. पैसा
  3. बिज़नेस
  4. अब नेत्रहीन भी कर पाएंगे नोटों की पहचान, RBI जल्द लाएगा मोबाइल एप

अब नेत्रहीन भी कर पाएंगे नोटों की पहचान, RBI जल्द लाएगा मोबाइल एप

Written by: India TV Business Desk
Published : Jul 14, 2019 01:16 pm IST, Updated : Jul 14, 2019 01:16 pm IST

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) दृष्टिबाधित या नेत्रहीन लोगों को नोटों की पहचान करने में मदद के लिए एक मोबाइल एप्लीकेशन (मोबाइल एप) पेश करेगा।

RBI to come out with mobile app for currency notes identification- India TV Paisa

RBI to come out with mobile app for currency notes identification

नयी दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) दृष्टिबाधित या नेत्रहीन लोगों को नोटों की पहचान करने में मदद के लिए एक मोबाइल एप्लीकेशन (मोबाइल एप) पेश करेगा। केंद्रीय बैंक ने लेनदेन में अब भी नकदी के भारी इस्तेमाल को देखते हुए यह कदम उठाया। 

वर्तमान में 10, 20, 50, 100, 200, 500 और 2,000 रुपये के बैंक नोट चलन में हैं। रिजर्व बैंक ने कहा कि नेत्रहीन लोगों के लिए नकदी आधारित लेनदेन को सफल बनाने के लिए बैंक नोट की पहचान जरूरी है। नोट को पहचानने में नेत्रहीनों की मदद के लिए ‘इंटाग्लियो प्रिंटिंग’ आधारित पहचान चिह्न दिए गए हैं। यह चिह्न 100 रुपये और उससे ऊपर के नोट में हैं। 

नवबंर 2016 में 500 और 1000 रुपये के पुराने नोटों को बंद करने के बाद अब चलन में नए आकार और डिजाइन के नोट मौजूद हैं। केंद्रीय बैंक ने कहा कि रिजर्व बैंक नेत्रहीनों को अपने दैनिक कामकाज में बैंक नोट को पहचानने में आने वाली दिक्कतों को लेकर संवेदनशील है। बैंक मोबाइल एप विकसित करने के लिए वेंडर की तलाश कर रहा है। 

यह एप महात्मा गांधी श्रृंखला और महात्मा गांधी (नई) श्रृंखला के नोटों की पहचान करने में सक्षम होगा। इसके लिए व्यक्ति को नोट को फोन के कैमरे के सामने रखकर उसकी तस्वीर खींचनी होगी। यदि नोट की तस्वीर सही से ली गई होगी तो एप ओडियो नोटिफिकेशन के जरिए नेत्रहीन व्यक्ति को नोट के मूल्य के बारे में बता देगा। अगर तस्वीर ठीक से नहीं ली गई या फिर नोट को रीड करने में कोई दिक्कत हो रही है तो एप फिर से कोशिश करने की सूचना देगा। 

रिजर्व बैंक एप बनाने के लिए प्रौद्योगिकी कंपनियों से निविदा आमंत्रित कर रहा है। बैंक पहले भी इसी तरह के प्रस्ताव के लिए आवेदन मांगे थे। हालांकि, बाद में इसे रद्द कर दिया गया। देश में करीब 80 लाख नेत्रहीन लोग हैं। आरबीआई की इस पहल से उन्हें लाभ होगा। 

Latest Business News

Google पर इंडिया टीवी को अपना पसंदीदा न्यूज सोर्स बनाने के लिए यहां
क्लिक करें

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Business से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें पैसा

Advertisement
Advertisement
Advertisement