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Whatapp पर हिंसात्मक अफवाहें को लेकर सरकार गंभीर, कंपनी ने कहा- इसकी रोकथाम के लिए उठाए जा रहे हैं कदम

 Edited By: Manish Mishra
 Published : Jul 04, 2018 05:25 pm IST,  Updated : Jul 04, 2018 05:25 pm IST

व्हाट्सऐप ने बुधवार को कहा है कि वह मोबाइल ऐप आधारित संवाद-संपर्क के अपने इस प्लेटफार्म पर अफवाहों के चलते कुछ जगह भीड़ की हिंसा की घटनाओं से आहत है। उसने सूचना प्रौद्योगिक मंत्रालय को इस प्‍लेटफॉर्म के दुरुपयोग पर अंकुश लगाने के लिए उठाए जा रहे कदमों की जानकारी दी है।

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नई दिल्ली। व्हाट्सऐप ने बुधवार को कहा है कि वह मोबाइल ऐप आधारित संवाद-संपर्क के अपने इस प्लेटफार्म पर अफवाहों के चलते कुछ जगह भीड़ की हिंसा की घटनाओं से आहत है। उसने सूचना प्रौद्योगिक मंत्रालय को इस प्‍लेटफॉर्म के दुरुपयोग पर अंकुश लगाने के लिए उठाए जा रहे कदमों की जानकारी दी है। ऐसा मानना है कि देश में हाल में हिंसक भीड़ द्वारा कुछ लोगों को संदेहवश पीटपीट कर जान से मारने की घटनाओं में व्हाट्सऐप के गलत संदेशों की भूमिका उकसावे वाली रही।

सरकार ने व्हाट्सऐप को कल सख्‍ती के साथ कहा था कि वह अपने मंच पर गैर-जिम्मेदार तथा भड़काऊ संदेशों के प्रसार को रोकने के उपाय करे। सरकार ने कहा था कि कंपनी अपनी जवाबदेही से बच नहीं सकती है।

व्हाट्सऐप ने सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय से कहा कि फर्जी खबरें, गलत सूचनाएं और अफवाहों तथा भय फैलने से रोकने के लिए सरकार , समाज एवं प्रौद्योगिकी कंपनियों को साथ मिलकर काम करने की जरूरत है। उसने कहा कि व्हाट्सऐप को लोगों की सुरक्षा का ख्याल है इसीलिए हमने सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ऐप बनाया है।

कंपनी ने कहा कि वह दो सूत्रीय तरीका अपनाती है। इसमें एक लोगों को खुद को सुरक्षित रखने के लिए नियंत्रण की सुविधा और सूचनाएं दी जाती हैं और वह व्हाट्सऐप का दुरुपयोग रोकने के लिए सक्रियता से काम कर रही है।

व्हाट्सऐप ने मंत्रालय को भेजी प्रतिक्रिया में उन कदमों की जानकारी दी है जो फर्जी खबरों और गलत सूचनाओं के प्रसार को रोकने के लिए उठाए जा रहे हैं। इनमें उत्पाद नियंत्रण, डिजिटल शिक्षा, तथ्यों को परखने की पैरवी और दुरुपयोग रोकने के सक्रिय उपाय शामिल हैं।

उसने कहा कि हम अपराधों की जांच में कानून सम्मत अनुरोध मिलने पर जवाब देते हैं और जांच में मदद भी करते हैं। इसके बाद हम तुरंत कानून प्रवर्तन अधिकारियों के साथ तालमेल बिठाते हैं। इसी कारण वे हमारे रवैये से परिचित हैं कि हम किस तरह से मदद कर सकते हैं।

सरकार ने पिछले कुछ समय में देश के विभिन्न हिस्से भीड़ द्वारा हत्या करने के कई मामले आने पर व्हाट्सऐप को चेतावनी दी थी। पिछले सप्ताह महाराष्ट्र में धुले में भीड़ ने पांच लोंगों पर बच्चा चुराने वाले होने के शक में उनकी पीट-पीट कर हत्या कर दी थी। इसी तरह की एक घटना में त्रिपुरा में दो व्यक्तियों को पीट-पीट कर मार दिया गया। असम में भी पिछले महीने भीड़ ने एक व्यक्ति को पीट पीट कर मार डाला।

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