1. Hindi News
  2. पैसा
  3. बिज़नेस
  4. आम आदमी को इसलिए नहीं मिले रहे 500 रुपए के नए नोट, ये हैं असली कारण

आम आदमी को इसलिए नहीं मिले रहे 500 रुपए के नए नोट, ये हैं असली कारण

 Written By: Ankit Tyagi
 Published : Nov 26, 2016 12:53 pm IST,  Updated : Nov 26, 2016 01:21 pm IST

रिपोर्ट्स के मुताबिक 500 रुपए के नोट नहीं मिलने के पीछे नोट की छपाई के लिए 4 प्रिंटिंग प्रेस का होना, ट्रांसपोर्टेशन और कर्मचारियों की संख्या में कमी है।

आम आदमी को इसलिए नहीं मिले रहे 500 रुपए के नए नोट, ये हैं असली कारण- India TV Hindi
आम आदमी को इसलिए नहीं मिले रहे 500 रुपए के नए नोट, ये हैं असली कारण

नई दिल्ली। 500-1000 रुपए के पुराने नोट बंद होने के बाद आम आम लोगों को बड़ी दिक्कतें हो रही है। सबसे ज्यादा परेशान 500 रुपए का नया नोट नहीं मिलने से आ रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक हर ATM में 500 रुपए वाले नए नोट की कमी है, जबकि 2000 रुपए के नए नोट धड़ल्ले से मिल रहे हैं। इसके पीछे कई वजह बताई जा रही है। जैसे नोट की छपाई के लिए सिर्फ 4 प्रिंटिंग प्रेस का होना, कमजोर ट्रांसपोर्टेशन और कर्मचारियों की संख्या में कमी।

फिच ने जताई आशंका, नोटबंदी का लघु अवधि में होगा भारत की आर्थिक वृद्धि पर नकारात्मक असर

ये हैं मुख्य वजह

 (1) छपाई के लिए 4 प्रिंटिंग प्रेस

  • आरबीआई के अनुसार, 2000 रुपए के नोट भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा मैसूर में चलाए जा रहे प्रेस में छपते हैं, जबकि 500 रुपए वाले नए नोट महाराष्ट्र के  नासिक और मध्‍य प्रदेश के देवास में भारत सरकार की प्रिंटिंग प्रेस में छप रहे हैं।
  • चौथा प्रिंटिंग प्रेस पश्चिम बंगाल के साल्बोनी में है, जिसपर आरबीआई का नियंत्रण है और यहां से 100 रुपए के नोट निकलते हैं।

तस्‍वीरों में देखिए RBI द्वारा जारी किए गए नए नोट

Rs 500 and 1000

5 (94)IndiaTV Paisa

6 (49)IndiaTV Paisa

4 (98)IndiaTV Paisa

2 (98)IndiaTV Paisa

1 (107)IndiaTV Paisa

(2) व्यवस्था से भी रुकावट

  • आरबीआई अधिकारी ने बताया, ’इस मामले में और भी मुश्किलें आ रही हैं, जैसे करेंसी को एक जगह से दूसरे जगह ले जाने की व्यवस्था में भी व्यवधान आ रहा है।
  • प्रिंटिंग प्रेस से बैंक शाखाओं और एटीएम में उच्च सुरक्षा की जरूरत है। लोगों की कमी के साथ सड़कों की गुणवत्ता भी करेंसी सप्लाई में व्यवधान उत्पन्न कर ररहा है। ‘

(3) इसलिए लगेगा 7 महीने का समय

  • सरकार की प्रेस से 500 रुपए के नए नोटों के आने से पहले ही 2000 रुपए के नोट की छपाई अच्छे से शुरू हो गई थी।
  • आरबीआई डाटा के अनुसार, 500 और 1000 के पुराने नोटों को बंद करने से पहले ही 2000 के कुल 9,026 करोड़ नए नोट सर्कुलेशन में थे। पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम द्वारा दिए गए एक बयान के मुताबिक नोटों को बदलने के काम में करीब 7 माह का समय लगेगा।
  • उन्‍होंने कहा कि सरकार समय के विपरीत दिशा में दौड़ लगा रही है।

चिदंबरम ने बताया, कुल 2,100 करोड़ नोटों को बंद किया गया है। प्रिंटिंग प्रेस में हर माह 300 करोड़ नोटों की छपाई की क्षमता है। यदि सरकार  2,100 करोड़ नोटों की जगह नए नोटों को लाना चाहते हैं तो इसकी छपाई में कुल सात माह का समय लगेगा।

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Business से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें पैसा