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1 साल का और इंतजार! भारत के नाम जुड़ेगी यह बड़ी उपलब्धि, पूरी दुनिया में बजेगा डंका

 Edited By: Alok Kumar @alocksone
 Published : Jan 15, 2025 05:39 pm IST,  Updated : Jan 15, 2025 05:39 pm IST

शर्मा ने कहा, आज 15 लाख रुपये एक मध्यम आय है और हम इसपर उच्चतम कर दर लगा रहे हैं। इस तरह की मध्यम आय पर कोई उच्चतम दर नहीं होनी चाहिए और यदि हम उपभोग अर्थव्यवस्था हैं तो उच्चतम दर भी 25 प्रतिशत से अधिक नहीं होनी चाहिए।

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भारतीय अर्थव्यवस्था Image Source : FILE

तमाम बधाओं के बावजूद दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यस्था भारत है। सरकार भी भारतीय अर्थव्यस्था को रफ्तार देने के लिए लगातार सुधार के कदम उठा रही है। इस बार के बजट में बड़े ऐलान होने की उम्मीद है। इस बीच एक अच्छी खबर आई है। उद्योग मंडल PHDCCI ने बुधवार को कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर चालू वित्त वर्ष में 6.8 प्रतिशत और अगले वित्त वर्ष में 7.7 प्रतिशत रहने का अनुमान है। इसके साथ ही उद्योग मंडल ने कहा कि वर्ष 2026 तक भारत जापान को पीछे छोड़कर दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन सकता है। यह भारत के लिए बड़ी उपलब्धि होगी। इसके बाद दुनिया की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की रेस शुरू होगी। 

जापान को पीछे छोड़ने की तैयारी 

पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (पीएचडीसीसीआई) के अध्यक्ष हेमंत जैन ने कहा कि पिछले तीन वर्षों में मजबूती से आगे बढ़ने वाली भारतीय अर्थव्यवस्था के 2026 तक जापान को पीछे छोड़ते हुए दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की उम्मीद है। पीएचडीसीसीआई ने बयान में कहा कि उसने वित्त वर्ष 2024-25 में देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के 6.8 प्रतिशत और वित्त वर्ष 2025-26 में 7.7 प्रतिशत की दर से बढ़ने का अनुमान लगाया है। इसके साथ ही उद्योग मंडल ने चालू वित्त वर्ष में मुद्रास्फीति की दर 4.5 प्रतिशत रहने का अनुमान जताते हुए कहा कि कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण, वित्त-प्रौद्योगिकी, सेमीकंडक्टर, नवीकरणीय ऊर्जा, स्वास्थ्य और बीमा जैसे संभावनाशील क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। 

इनकम टैक्स छूट की सीमा 10 लाख किया जाए

उद्योग मंडल ने अगले वित्त वर्ष (2025-26) के बजट के संदर्भ में कहा कि आयकर की उच्चतम दर केवल 40 लाख रुपये से अधिक आय वाले व्यक्तियों पर लागू ही होनी चाहिए और आयकर छूट सीमा को भी बढ़ाकर 10 लाख रुपये किया जाना चाहिए। उसने कहा कि लोगों के हाथों में खर्च के लायक अधिक आय रखकर खपत को बढ़ावा देना जरूरी है। पीएचडीसीसीआई ने उम्मीद जताई है कि रिजर्व बैंक अगले महीने अपनी मौद्रिक समीक्षा में नीतिगत ब्याज दर में 0.25 प्रतिशत की कटौती करेगा जिससे खुदरा मुद्रास्फीति में उल्लेखनीय कमी आने की संभावना है। पीएचडीसीसीआई के उप महासचिव एस पी शर्मा ने कहा, अगली समीक्षा में 0.25 प्रतिशत अंक की कटौती होनी चाहिए। अब खुदरा मुद्रास्फीति कम हो रही है लेकिन कुछ खाद्य पदार्थों की कीमतें अब भी अधिक हैं। इसके बावजूद हमें उम्मीद है कि आने वाली तिमाहियों में खुदरा मुद्रास्फीति घटकर चार से 2.5 प्रतिशत के बीच आ जाएगी। उन्होंने कहा कि उद्योग मंडल ने बजट में आयकर की अधिकतम दर के लिए आय सीमा को 15 लाख रुपये से बढ़ाकर 40 लाख रुपये किए जाने का सुझाव दिया है। 

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