Jio Platforms की शेयर बाजार में धमाकेदार एंट्री के बीच एक ऐसा भावुक पल भी आया, जिसने सबका ध्यान खींचा। कंपनी की लिस्टिंग के मौके पर अनंत अंबानी ने अपने पिता मुकेश अंबानी के संघर्ष, दूरदर्शिता और सपनों का जिक्र किया। उनकी बातें सुनकर मुकेश अंबानी कई बार भावुक हो गए और उनकी आंखों में आंसू आ गए। अनंत ने Jio की सफलता को सिर्फ कारोबार और शेयर बाजार के मुनाफे तक सीमित नहीं रखा, बल्कि इसे आम लोगों की जिंदगी से जोड़कर समझाया।
Jio Platforms की शेयर बाजार में शानदार शुरुआत
मुकेश अंबानी की कंपनी Jio Platforms ने शेयर बाजार में रिकॉर्डतोड़ आईपीओ के बाद शानदार शुरुआत की। कंपनी के शेयर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर करीब 21 प्रतिशत प्रीमियम के साथ सूचीबद्ध हुए। यानी जिन निवेशकों को आईपीओ में शेयर मिले थे, उन्हें लिस्टिंग के दिन ही अच्छा मुनाफा हुआ।
देश का सबसे बड़ा IPO बना Jio Platforms
Jio Platforms का आईपीओ देश के पूंजी बाजार के लिए एक बड़ी घटना माना जा रहा है। इसने हुंडई मोटर इंडिया के 27,870 करोड़ रुपये के आईपीओ को पीछे छोड़कर देश के अब तक के सबसे बड़े आईपीओ का रिकॉर्ड बनाया। कंपनी की शानदार लिस्टिंग से निवेशकों में उत्साह देखने को मिला।
बेल रिंगिंग सेरेमनी में भावुक हुए मुकेश अंबानी
Jio Platforms की लिस्टिंग के मौके पर बेल रिंगिंग सेरेमनी आयोजित की गई। इसमें अंबानी परिवार के सदस्य आकाश अंबानी, ईशा अंबानी और अनंत अंबानी शामिल हुए। तीनों ने अपने पिता मुकेश अंबानी के संघर्ष, हिम्मत और दूरदर्शिता का जिक्र किया। परिवार के सदस्यों की बातें सुनकर मुकेश अंबानी भावुक हो गए। समारोह के दौरान कई बार उनकी आंखों में आंसू दिखाई दिए। हालांकि, सबसे ज्यादा चर्चा अनंत अंबानी के भाषण की रही, जिसने शेयर बाजार की इस बड़ी कारोबारी उपलब्धि को भावनात्मक पल में बदल दिया।
अनंत अंबानी ने दादा धीरूभाई को किया याद
अनंत अंबानी ने अपने भाषण की शुरुआत ‘जय श्रीकृष्ण’ के उद्घोष के साथ की। उन्होंने अपने दादा धीरूभाई अंबानी को याद किया और पिता मुकेश अंबानी के सपनों की बात की। अनंत ने कहा कि अब वह अपने भाई और बहन के साथ मिलकर पिता के सपनों को आगे बढ़ा रहे हैं। उनके देसी अंदाज और भावुक शब्दों ने समारोह में मौजूद लोगों का दिल जीत लिया। पूरा हॉल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा और कई लोग भावुक हो गए। मुकेश अंबानी भी अपने आंसू नहीं रोक पाए।
बच्चे की पढ़ाई से मां की रसोई तक Jio का जिक्र
अनंत अंबानी ने Jio की सफलता को आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी से जोड़कर समझाया। उन्होंने बच्चे की पढ़ाई और मां की सब्जियों के रंग जैसे उदाहरणों के जरिए बताया कि डिजिटल तकनीक लोगों के जीवन में किस तरह जगह बना रही है। उन्होंने यह भी बताया कि तकनीक ने इलाज तक पहुंचने के रास्ते खोलने और सीमाओं पर तैनात जवानों को उनके परिवारों के करीब लाने में किस तरह मदद की। अनंत की बातों का संदेश था कि Jio की सफलता केवल कंपनी के कारोबार या शेयर बाजार में उसकी कीमत बढ़ने की कहानी नहीं है।
डिजिटल इंडिया के विजन को भी बताया अहम
अनंत अंबानी ने डिजिटल इंडिया के विजन का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देते हुए कहा कि इस दूरदृष्टि ने देश में डिजिटल बदलाव को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने सवाल उठाया कि डिजिटल व्यवस्था के बिना करोड़ों लोगों के बैंक खातों में सीधे सरकारी सहायता कैसे पहुंचती और कोविड महामारी के दौरान लोगों को टीके लगाने का काम कैसे होता? उनके मुताबिक, संकट के समय भी डिजिटल इंडिया ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस तरह Jio की सफलता को उन्होंने देश में डिजिटल सुविधाओं के विस्तार और आम लोगों को जोड़ने से जोड़कर देखा।
Jio की सफलता से आगे भारत के भविष्य की बात
अनंत अंबानी का संदेश था कि Jio की उपलब्धि सिर्फ देश का सबसे बड़ा आईपीओ बनने या बाजार पूंजीकरण के मामले में रिलायंस इंडस्ट्रीज के बाद दूसरे स्थान पर पहुंचने तक सीमित नहीं है। यह लोगों को जोड़ने और उनकी जिंदगी में बदलाव लाने की कहानी भी है। उन्होंने कहा कि उम्र में भले ही वह अपने पिता से छोटे हैं, लेकिन आने वाला कल भारत और देश के युवाओं का है। उनका जोर विकसित भारत के सपने को पूरा करने पर था। उनके भाषण ने Jio की कारोबारी सफलता को देश के डिजिटल भविष्य और युवा पीढ़ी की उम्मीदों से जोड़ दिया।
इससे पहले अनंत अंबानी न्यूकैसल यूनिवर्सिटी में सस्टेनेबिलिटी के प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस नियुक्त हुए थे, तब काफी चर्चा में रहे थे।
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