1. Hindi News
  2. पैसा
  3. बिज़नेस
  4. अनिल अंबानी को ED का समन, 5 अगस्त को पूछताछ के लिए बुलाया, जानें क्यों हैं सुर्खियों में

अनिल अंबानी को ED का समन, 5 अगस्त को पूछताछ के लिए बुलाया, जानें क्यों हैं सुर्खियों में

 Written By: Atul Bhatia, Edited By: Sourabha Suman
 Published : Aug 01, 2025 08:34 am IST,  Updated : Aug 01, 2025 09:01 am IST

ED फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन की गहराई से जांच कर रही है और अनिल अंबानी से पूछताछ के जरिए उनकी भूमिका को स्पष्ट करने की कोशिश की जाएगी।

रिलायंस समूह के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक अनिल अंबानी।- India TV Hindi
रिलायंस समूह के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक अनिल अंबानी। Image Source : PTI

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने रिलायंस ग्रुप के चेयरमैन अनिल अंबानी को 5 अगस्त 2025 को पूछताछ के लिए बुलाया है। अंबानी को उनकी कंपनी द्वारा कथित तौर पर लोन धोखाधड़ी मामले की चल रही जांच के संबंध में ईडी का समन मिला है। जानकारी के अनुसार, मामला कथित रूप से बैंकों से लिए गए लोन की हेराफेरी और फंड्स के दुरुपयोग से जुड़ा है। ईडी को आशंका है कि इन ऋणों की रकम को मनी लॉन्ड्रिंग के ज़रिए दूसरी जगहों पर ट्रांसफर किया गया। एजेंसी इस पूरे फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन की गहराई से जांच कर रही है और अनिल अंबानी से पूछताछ के जरिए उनकी भूमिका को स्पष्ट करने की कोशिश की जाएगी।

दिल्ली स्थित ईडी मुख्यालय में बुलाया

सूत्रों के मुताबिक 66 वर्षीय अंबानी को दिल्ली स्थित ईडी मुख्यालय में बुलाया गया है, क्योंकि यह मामला वहीं दर्ज है। एजेंसी उनसे पूछताछ के दौरान धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत उनका बयान दर्ज करेगी। माना जा रहा है कि यह समन रिलायंस समूह की कंपनियों द्वारा लिए गए बैंक ऋणों के कथित दुरुपयोग और वित्तीय अनियमितताओं की जांच के सिलसिले में भेजा गया है।

क्यों भेजा गया समन?

यह कार्रवाई 24 जुलाई 2025 को शुरू की गई छापेमारी के बाद सामने आई है, जो तीन दिनों तक चली। इस दौरान ईडी ने मुंबई में 35 से अधिक ठिकानों पर छापे मारे जो कि अनिल अंबानी समूह से जुड़ी 50 कंपनियों और 25 व्यक्तियों के थे। जांच में सामने आया है कि समूह की कई कंपनियों ने ₹10,000 करोड़ से अधिक की ऋण राशि का कथित रूप से ग़लत इस्तेमाल किया और उसे विभिन्न कंपनियों और शेल फर्मों में डायवर्ट कर दिया गया।

येस बैंक से जुड़े आरोप

ईडी की जांच का एक बड़ा फोकस ₹3,000 करोड़ के लोन पर है, जो 2017 से 2019 के बीच Yes Bank द्वारा समूह की कंपनियों को दिया गया था। आरोप है कि इन लोन के जारी होने से ठीक पहले येस बैंक के प्रमोटरों को संबंधित संस्थाओं के माध्यम से फंड ट्रांसफर किया गया, जिसे ईडी “घूस के बदले लोन के रूप में देख रही है। लोन स्वीकृति में बैकडेटेड क्रेडिट अप्रूवल मेमो, बिना उचित मूल्यांकन निवेश, और बैंक की क्रेडिट नीति का उल्लंघन शामिल बताया गया है।

एसबीआई और अन्य बैंकों की भूमिका

भारत सरकार ने हाल ही में संसद में जानकारी दी थी कि एसबीआई ने आरकॉम और अनिल अंबानी को "धोखाधड़ी" की कैटेगरी में रखा है और जल्द ही सीबीआई में शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया में है। इसके अलावा, आरकॉम और केनरा बैंक के बीच ₹1,050 करोड़ के लोन फ्रॉड की जांच भी ईडी कर रही है।

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Business से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें पैसा