उद्योगपति अनिल अंबानी की कानूनी मुश्किलें लगातार बढ़ती नजर आ रही हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ED) की ओर से मुंबई स्थित उनके घर अबोड को कुर्क किए जाने के बाद अब सीबीआई ने भी बड़ा कदम उठाया है।
रिलायंस ग्रुप के चेयरमैन अनिल अंबानी की परेशानियां थमती नजर नहीं आ रही हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए मुंबई के पाली हिल स्थित उनके आलीशान निवास ‘अबोड’ को अटैच कर लिया।
आरोप है कि अनमोल अंबानी ने अपने समूह की एक कंपनी के माध्यम से बैंक से ऋण (लोन) लिया था और बाद में ऋण चुकाने में विफल रहे, जिससे बैंक को बड़ा वित्तीय नुकसान हुआ।
रिलायंस ग्रुप के खिलाफ चल रही मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत ईडी ने यह कार्रवाई की है। इससे पहले भी ईडी इस मामले में ₹7,500 करोड़ की संपत्तियां अटैच कर चुकी है।
अनिल अंबानी की कानूनी परेशानियां लगातार बढ़ती जा रही हैं। ED ने एक बार फिर उन्हें समन जारी करते हुए 14 नवंबर को पूछताछ के लिए दिल्ली मुख्यालय में पेश होने को कहा है। बताया जा रहा है कि यह समन FEMA और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े एक बड़े मामले में भेजा गया है।
MCA की प्रारंभिक जांच में बड़े पैमाने पर पैसों की हेराफेरी और कंपनी अधिनियम के तहत बड़े उल्लंघनों का संकेत मिलने के बाद, अब गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय (SFIO) को मामला सौंप दिया गया है।
अनिल अंबानी के रिलायंस ग्रुप पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है। मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में एजेंसी ने ग्रुप से जुड़ी 40 से ज्यादा संपत्तियों को अस्थायी तौर पर अटैच कर लिया है, जिनकी कुल कीमत करीब 3084 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
बैंकों की यह कार्रवाई अनिल अंबानी के लिए एक और बड़ा झटका है। मामला अब अदालतों में है, और इसका अंतिम फैसला आने में अभी समय लग सकता है। रिलायंस कम्युनिकेशंस ने अप्रैल में जानकारी दी थी कि मार्च 2025 तक उस पर कुल ₹40,400 करोड़ का कर्ज है।
इससे पहले, भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने भी इस साल जून में ऐसा ही किया था, जिसमें लोन की शर्तों का उल्लंघन करते हुए लेनदेन करके बैंक के पैसों के दुरुपयोग का आरोप लगाया गया था।
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कथित 17,000 करोड़ रुपये के लोन से जुड़ी धोखाधड़ी के मामले की चल रही जांच के तहत अनिल अंबानी को पूछताछ के लिए तलब किया है।
ED फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन की गहराई से जांच कर रही है और अनिल अंबानी से पूछताछ के जरिए उनकी भूमिका को स्पष्ट करने की कोशिश की जाएगी।
अनिल अंबानी की पावर कंपनी ने हाल ही में भूटान में दो बड़े पावर प्रोजेक्ट हासिल किए हैं। इनमें एक 500 मेगावाट का सोलर प्रोजेक्ट है जबकि दूसरा 770 मेगावाट का हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट है।
फाल्कन 2000 जेट के लिए अत्याधुनिक असेंबली लाइन महाराष्ट्र के नागपुर में स्थापित की जाएगी। ये भारतीय एयरोनॉटिक्स और मैन्यूफैक्चरिंग इंडस्ट्री के लिए महत्वपूर्ण है।
रिलायंस पावर और रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर के शेयर तेज दौड़ लगा रहे हैं। रिलायंस पावर के शेयर की कीमत एक महीने में 70% बढ़ी है जबकि रिलायंस इंफ्रा के शेयर में 60% की उछाल आई है।
अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस इंफ्रा को बंबई उच्च न्यायालय से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने MMRDA 1,169 करोड़ जमा करने को कहा है।
डीहल डिफेंस के लिए रिलायंस डिफेंस के साथ सहयोग भारतीय बाजार और भारत सरकार की 'मेक इन इंडिया' पहल के प्रति कंपनी की प्रतिबद्धता का हिस्सा है।
रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर ने कहा कि वे एनसीएलएटी के समक्ष अपील करेगी और कॉरपोरेट दिवाला समाधान प्रक्रिया शुरू करने के लिए एनसीएलटी मुंबई के 30 मई, 2025 के आदेश को वापस लेने की मांग करेगी।
पिछले हफ्ते शुक्रवार को रिलायंस पावर के शेयरों में करीब 16 प्रतिशत की छप्परफाड़ तेजी देखी गई थी, जिसके बाद ये शेयर अपना नया 52 वीक हाई टच करते हुए 60.5 रुपये के भाव पर बंद हुआ था।
रिलायंस पावर ने बताया कि चौथी तिमाही में कंपनी का कुल खर्च घटकर 1998.49 करोड़ रुपये रह गया, जो एक साल पहले इसी अवधि में 2615.15 करोड़ रुपये था।
रिलायंस पावर ने बुधवार को ही चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही के नतीजे जारी किए हैं। कंपनी ने एक एक्सचेंज फाइलिंग में बताया कि वित्त वर्ष 2024-25 की दिसंबर तिमाही में रिलायंस पावर ने 41.95 करोड़ रुपये का नेट प्रॉफिट जनरेट किया है।
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