Budget 2025 : केंद्र सरकार ने टैक्स छूट वाले पुराने टैक्स रिजीम को हतोत्साहित करने के अपने इरादे को स्पष्ट कर दिया है। लेकिन करदाताओं और टैक्स एक्सपर्ट्स का मानना है कि हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम के पेमेंट को इसमें एक अपवाद के रूप में देखना चाहिए। आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 80डी के तहत हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम के लिए डिडक्शन लिमिट को अंतिम बार नौ साल पहले 2015 के बजट में 15,000 रुपये से बढ़ाकर 25,000 रुपये किया गया था।
कितनी बढ़ाई जाए डिडक्शन की लिमिट?
यह डिडक्शन पुराने, छूट वाले टैक्स रिजीम के तहत उपलब्ध है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि 60 वर्ष से कम उम्र के व्यक्तियों के लिए डिडक्शन को वर्तमान के 25,000 रुपये से बढ़ाकर 50,000 रुपये करना चाहिए और यह एक जरूरी फैसला होना चाहिए। इसी तरह, पेरेंट्स की ओर से बच्चों द्वारा भुगतान किए गए प्रीमियम के लिए डिडक्शन को बढ़ाकर 75,000 रुपये करने की मांग हो रही है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि वरिष्ठ नागरिकों के लिए सीमा को 50,000 रुपये से बढ़ाकर 1 लाख रुपये किया जाना चाहिए।
ज्यादा लोग लेंगे इंश्योरेंस
इन फैसलों से पूरे भारत में इंश्योरेंस को लेकर लोगों का आकर्षण बढ़ेगा। इंडस्ट्री को उम्मीद है कि सरकार धारा 80सी और 80डी के तहत बीमा प्रीमियम के लिए कर प्रोत्साहन बढ़ाएगी। साथ ही होम और मोटर इंश्योरेंस के लिए अलग टैक्स डिडक्शन भी प्रदान करेगी।



































