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CNG होगी महंगी, सरकार ने लिया यह फैसला, जानें किस तरीख से बढ़ सकता है रेट

 Edited By: Alok Kumar @alocksone
 Published : Mar 31, 2025 10:30 pm IST,  Updated : Mar 31, 2025 10:30 pm IST

मंत्रिमंडल ने फैसला किया कि दो साल तक दरों में बदलाव नहीं किया जाएगा और उसके बाद सालाना 0.25 डॉलर की वृद्धि की जाएगी।

CNG- India TV Hindi
सीएनजी Image Source : FILE

CNG के दाम एक बार फिर बढ़ेंगे। दरअसल,  सरकार ने सोमवार को एडमिनिस्टर्ड प्राइस सिस्टम (APM) के दायरे में आने वाले पुराने क्षेत्रों से उत्पादित प्राकृतिक गैस की कीमत में 4% की वृद्धि की। इन क्षेत्रों से उत्पादित गैस सीएनजी, बिजली और उर्वरक के उत्पादन के लिए प्रमुख कच्चा माल है। ऐसे में एपीएम गैस के दाम बढ़ने से सीएनजी के दाम बढ़ सकते हैं। पेट्रोलियम मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले पेट्रोलियम योजना और विश्लेषण प्रकोष्ठ (पीपीएसी) की एक अधिसूचना में कहा गया है कि एपीएम गैस की कीमत एक अप्रैल से 6.50 डॉलर प्रति यूनिट (एमएमबीटीयू) से बढ़ाकर 6.75 डॉलर प्रति यूनिट कर दी गई है। सरकार के इस फैसले से 1 अप्रैल से सीएनजी के दाम में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। 

पीएनजी के दाम पर होगा असर 

एपीएम गैस सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों ऑयल एंड नैचुरल गैस कॉरपोरेशन (ओएनजीसी) और ऑयल इंडिया लि.(ओआईएल) द्वारा उन क्षेत्रों से उत्पादित की जाती है, जो उन्हें नामांकन के आधार पर दिये गये थे। इन क्षेत्रों से उत्पादित गैस का उपयोग कच्चे माल के रूप में पाइप के जरिये रसोई गैस (पीएनजी) के साथ-साथ वाहन चलाने के लिए सीएनजी और उर्वरक तथा बिजली उत्पादन के लिए किया जाता है। यह दो साल में एपीएम गैस की कीमत में पहली वृद्धि है। सरकार की रूपरेखा के अनुसार है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने अप्रैल, 2023 में, घरेलू स्तर पर उत्पादित प्राकृतिक गैस के थोक मूल्य को कच्चे तेल के मासिक औसत आयात मूल्य के 10 प्रतिशत पर निर्धारित करने के लिए एक विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट को स्वीकार किया था। इसमें चार डॉलर प्रति 10 लाख ब्रिटिश थर्मल यूनिट (एमएमबीटीयू) की न्यूनतम कीमत और 6.5 डॉलर की अधिकतम सीमा तय की गई। 

2 साल तक दरों में बदलाव नहीं किया जाएगा

सरकार ने इसके साथ 2027 में पूर्ण विनियमन तक 0.50 डॉलर प्रति यूनिट की वार्षिक वृद्धि की सिफारिश में बदलाव किया। मंत्रिमंडल ने फैसला किया कि दो साल तक दरों में बदलाव नहीं किया जाएगा और उसके बाद सालाना 0.25 डॉलर की वृद्धि की जाएगी। सोमवार को घोषित बढ़ोतरी उसी फैसले के अनुरूप है। पेट्रोलियम योजना एवं विश्लेषण प्रकोष्ठ (पीपीएसी) ने कहा कि एक अप्रैल से 30 अप्रैल, 2025 के लिए एपीएम गैस की कीमत कच्चे तेल की कीमत पर 10 प्रतिशत इंडेक्सेशन यानी महंगाई के प्रभाव के हिसाब से 7.26 डॉलर प्रति यूनिट होनी चाहिए थी। लेकिन यह कीमत सीमा के अधीन थी। कीमत सीमा को 6.50 डॉलर प्रति यूनिट से बढ़ाकर 6.75 डॉलर कर दिया गया है। यह सीमा अप्रैल, 2025 से मार्च, 2026 तक प्रभावी रहेगी और अगले साल अप्रैल में इसमें 0.25 डॉलर प्रति यूनिट की और वृद्धि होगी। 

कीमत अब 6.75 अमेरिकी डॉलर प्रति यूनिट 

अप्रैल, 2023 से पहले, प्रशासित मूल्य तंत्र (एपीएम) व्यवस्था के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों से उत्पादित गैस की कीमत एक फार्मूले के आधार पर छमाही आधार पर निर्धारित की जाती थी। यह निर्धारण चार गैस व्यापार केंद्रों पर औसत अंतरराष्ट्रीय कीमतों के आधार पर फॉमूले के तहत होता था। एपीएम गैस की हिस्सेदारी कुल घरेलू गैस उत्पादन में 70 प्रतिशत है। एपीएम गैस शहर के गैस वितरकों को सीएनजी और घरों में पाइप के जरिये रसोई गैस की आपूर्ति के लिए प्रदान की जाती है। यह उनकी बिक्री मात्रा का 60 प्रतिशत हिस्सा है। अप्रैल, 2023 के निर्णय के बाद, एपीएम गैस की कीमतों को मासिक आधार पर संशोधित किया जाता है, लेकिन वे अधिकतम और न्यूनतम कीमतों के अधीन हैं। अधिकतम कीमत अब 6.75 अमेरिकी डॉलर प्रति यूनिट है।

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