नागरिक उड्डयन महानिदेशालय यानी डीजीसीए ने घोषणा की कि उत्तर और पश्चिमी भारत के 32 एयरपोर्ट 15 मई तक सिविल फ्लाइट ऑपरेशन के लिए बंद रहेंगे। भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) के साथ तालमेल बिठाकर उठाया गया यह कदम, बढ़ते सीमा तनाव के बीच एहतियाती उपायों का हिस्सा है। प्रभावित हवाई अड्डों में श्रीनगर, अमृतसर, जम्मू, लेह, चंडीगढ़, बीकानेर और जोधपुर के प्रमुख हवाई अड्डे शामिल हैं। अन्य प्रभावित हवाई अड्डे गुजरात, हिमाचल प्रदेश, पंजाब और राजस्थान जैसे राज्यों में स्थित हैं।
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यात्रियों को सतर्क रहने की सलाह
इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय (IGI) हवाई अड्डे पर शनिवार की सुबह सामान्य रूप से परिचालन शुरू हो गया है। बावजूद यात्रियों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। सुरक्षा उपायों में बढ़ोतरी के चलते देरी हो सकती है। हवाई अड्डा प्राधिकरण ने कहा कि फिलहाल दिल्ली एयरपोर्ट सामान्य है। हालांकि, नागरिक उड्डयन सुरक्षा ब्यूरो के आदेशों के मुताबिक एयर स्पेस की बदलती परिस्थितियों और बढ़े हुए सुरक्षा उपायों के कारण, कुछ फ्लाइट्स पर असर देखने को मिल सकते हैं।
समय से ज्यादा पहले एयरपोर्ट पहुंचे
दिल्ली एयरपोर्ट ने यात्रियों से आग्रह किया गया कि वे अपनी एयरलाइनों के साथ लगातार संपर्क में रहें, सामान संबंधी नियमों का पालन करें, सुरक्षा देरी को एडजस्ट करने के लिए जल्दी पहुंचें और ऑफिशियल एयरपोर्ट चैनलों के जरिये वास्तविक समय के अपडेट की जांच करें। दिल्ली एयरपोर्ट ने खासतौर पर कहा है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर असत्यापित जानकारी सर्कुलेट करने से बचें।
विमानन कंपनियों को सलाह
इससे पहले नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने पाकिस्तान द्वारा हवाई क्षेत्र बंद किए जाने के चलते अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की अवधि बढ़ने के मद्देनजर विमानन कंपनियों को सलाह जारी किया कि वे यात्रियों के लिए उचित संचार व्यवस्था और उड़ान के दौरान खानपान सेवाएं उपलब्ध कराएं। पाकिस्तान ने भारतीय विमानन कंपनियों के लिए अपना हवाई क्षेत्र बंद कर दिया है जिसके परिणामस्वरूप उनकी अंतरराष्ट्रीय उड़ानों, विशेषकर दिल्ली सहित उत्तर भारतीय शहरों से रवाना होने वाली उड़ानों का यात्रा समय बढ़ गया है।