1. Hindi News
  2. पैसा
  3. बिज़नेस
  4. ट्रंप के टैरिफ के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था 6.3 से 6.8 फीसदी की रफ्तार से बढ़ेगी: CEA

ट्रंप के टैरिफ के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था 6.3 से 6.8 फीसदी की रफ्तार से बढ़ेगी: CEA

 Edited By: Vineet Kumar Singh
 Published : Aug 29, 2025 11:33 pm IST,  Updated : Aug 29, 2025 11:33 pm IST

मुख्य आर्थिक सलाहकार वी. अनंत नागेश्वरन ने कहा कि FY26 में भारत की अर्थव्यवस्था 6.3-6.8% की दर से बढ़ेगी। ट्रंप द्वारा लगाए गए 50% टैरिफ के बावजूद घरेलू मांग, कृषि और सेवा क्षेत्रों की मजबूती से ग्रोथ पर असर सीमित रहेगा।

India GDP growth 2025, CEA Anantha Nageswaran- India TV Hindi
मुख्य आर्थिक सलाहकार वी. अनंत नागेश्वरन। Image Source : PTI

नई दिल्ली: भारत की अर्थव्यवस्था इस वित्तीय वर्ष (FY26) में मजबूत घरेलू मांग के दम पर 6.3 से 6.8 फीसदी की दर से तरक्की करेगी। यह बात शुक्रवार को मुख्य आर्थिक सलाहकार वी. अनंत नागेश्वरन ने कही। उन्होंने कहा कि अमेरिका द्वारा लगाए गए 50 फीसदी टैरिफ (Tariffs) के बावजूद भारत की ग्रोथ पर ज्यादा असर नहीं पड़ेगा।

पहली तिमाही में 7.8% की शानदार ग्रोथ

नागेश्वरन ने बताया कि अप्रैल-जून 2025 की पहली तिमाही में भारत की GDP 7.8 फीसदी की रफ्तार से बढ़ी, जो पिछले 5 तिमाहियों में सबसे तेज है। यह ग्रोथ मुख्य रूप से खेती-बाड़ी के शानदार प्रदर्शन और व्यापार, होटल, वित्तीय सेवाओं और रियल एस्टेट जैसे क्षेत्रों की मदद से हुई। जनवरी-मार्च 2024 में भारत की GDP 8.4 फीसदी की दर से बढ़ी थी, जो उस समय की सबसे तेज ग्रोथ थी।

ट्रंप के टैरिफ का असर होगा कम

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में भारत के कुछ निर्यातों, जैसे कपड़ा उद्योग पर भारी टैरिफ लगाए हैं। लेकिन नागेश्वरन ने भरोसा जताया कि ये टैरिफ ज्यादा समय तक नहीं रहेंगे। भारत और अमेरिका के बीच 25 फीसदी दंडात्मक टैरिफ को हटाने और द्विपक्षीय व्यापार समझौते के लिए बातचीत चल रही है। उन्होंने कहा, 'पहली तिमाही की मजबूत ग्रोथ को देखते हुए हम 6.3-6.8 फीसदी की ग्रोथ का अनुमान बरकरार रख रहे हैं। टैरिफ के कारण ग्रोथ पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ेगा।'

आर्थिक सर्वेक्षण में भी यही अनुमान

जनवरी में संसद में पेश किए गए आर्थिक सर्वेक्षण में भी FY26 के लिए 6.3-6.8 फीसदी की वास्तविक आर्थिक वृद्धि का अनुमान लगाया गया था। नागेश्वरन ने कहा कि आने वाली तिमाहियों में मांग मजबूत रहेगी। जीएसटी दरों में कटौती की संभावना और त्योहारी सीजन से उपभोग को और बल मिलेगा। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय के आंकड़ों के मुताबिक, खेती-बाड़ी क्षेत्र ने इस तिमाही में 3.7 फीसदी की ग्रोथ दर्ज की, जो पिछले साल की समान तिमाही में 1.5 फीसदी थी। वहीं, मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की ग्रोथ 7.7 फीसदी रही, जो पिछले साल की 7.6 फीसदी से थोड़ी बेहतर है। 

भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था

यह दिलचस्प है कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बना हुआ है। अप्रैल-जून 2025 में चीन की जीडीपी ग्रोथ 5.2 फीसदी रही, जबकि भारत ने 7.8 फीसदी की रफ्तार हासिल की। नागेश्वरन ने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत नींव पर खड़ी है। घरेलू मांग और सरकारी नीतियों के दम पर भारत चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार है। त्योहारी सीजन और जीएसटी में संभावित कटौती से अर्थव्यवस्था को और रफ्तार मिलने की उम्मीद है।

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Business से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें पैसा