एचएसबीसी इंडिया मैन्युफैक्चरिंग परचेसिंग मैनेजर्स इंडेक्स (पीएमआई) की मासिक रिपोर्ट में मैनुफैक्चरिंग सेक्टर को लेकर ताजा हालात बताए गए हैं। अर्थशास्त्री ने ताजा रुझान पर अपनी प्रतिक्रिया दी है।
एचएसबीसी के मुख्य भारतीय अर्थशास्त्री प्रांजुल भंडारी ने कहा कि भारत का मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर अगस्त में एक और नए उच्च स्तर पर पहुंच गया, जो उत्पादन में तेज विस्तार के दम पर मुमकिल हुआ है।
मुख्य आर्थिक सलाहकार वी. अनंत नागेश्वरन ने कहा कि FY26 में भारत की अर्थव्यवस्था 6.3-6.8% की दर से बढ़ेगी। ट्रंप द्वारा लगाए गए 50% टैरिफ के बावजूद घरेलू मांग, कृषि और सेवा क्षेत्रों की मजबूती से ग्रोथ पर असर सीमित रहेगा।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि नियोक्ता और पहली बार नौकरी करने वाले कर्मचारी इस पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन या ‘उमंग’ ऐप पर अपना UAN डालकर इस योजना का लाभ उठा सकते हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अमेरिका में बड़े स्तर पर मैन्यूफैक्चरिंग शुरू कराना चाहते हैं। लेकिन, अमेरिका में मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर के सामने कई तरह की चुनौतियां हैं।
एनएसओ के आंकड़ों के अनुसार, मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर का प्रोडक्शन रेट अप्रैल में कम होकर 3.4 प्रतिशत रह गया, जो एक साल पहले इसी महीने में 4.2 प्रतिशत था।
जैसे-जैसे अर्थव्यवस्थाएं विकसित हो रहे व्यापार की गतिशीलता और टैरिफ चुनौतियों के अनुकूल होती जा रही हैं, भारत विनिर्माण विकास में तेजी लाने और ग्लोबल सप्लाई चेन के इंटीग्रेशन को बढ़ाने के लिए इस गति का लाभ उठा सकता है।
सरकार ने हाल ही में गैर-सेमीकंडक्टर इलेक्ट्रॉनिक्स कलपुर्जों के लिए 22,919 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन योजना को मंजूरी दी है, जिससे 91,600 प्रत्यक्ष रोजगार और लगभग 59,350 करोड़ रुपये के निवेश की उम्मीद है।
एचएसबीसी इंडिया मैन्युफैक्चरिंग पीएमआई को एसएंडपी ग्लोबल द्वारा लगभग 400 निर्माताओं के पैनल में क्रय प्रबंधकों को भेजे गए प्रश्नावली के जवाबों से संकलित किया जाता है।
नए और तीसरे प्लांट में क्षमता 7.5 लाख यूनिट प्रति वर्ष तक पहुंचने की संभावना है और प्रस्तावित क्षमता 2029 तक जोड़ी जाएगी।
रसायन, कपास, चमड़ा और रबर सहित कई मध्यवर्ती वस्तुओं के इनपुट मूल्य नवंबर में बढ़ गए, जबकि बढ़ती इनपुट, श्रम और परिवहन लागत का बोझ उपभोक्ताओं पर पड़ने के कारण आउटपुट मूल्य 11 साल के उच्चतम स्तर पर पहुंच गए।
यह एक बड़ा कदम होगा और यह एक तरह से चुनौती भी है। उन्होंने कहा कि इसके लिए, ब्रांड इंडिया की धारणा को बदलना होगा और यह धारणा सिर्फ क्वालिटी पर मानसिकता बदलने के साथ ही बदल सकती है।
पूरे भारत में मैनुफैक्चरिंग क्षेत्र की वृद्धि में मामूली गिरावट आई है। कारखाना उत्पादन और बिक्री में वृद्धि की दर में लगातार तीसरे महीने कमी आई है।
लू तिमाही में मांग में क्रमिक रूप से कुछ कमी आ सकती है क्योंकि यह मॉनसून से जुड़ी मौसमी स्थिति है, जिसके बाद सरकारी पूंजीगत व्यय में बैक-एंडेड वृद्धि हो सकती है।
भारतीय निर्माताओं ने अगस्त के दौरान नए व्यवसाय और उत्पादन में नरम वृद्धि की सूचना दी, हालांकि ऐतिहासिक मानकों के अनुसार विस्तार की दरें ऊंची रहीं। निर्माताओं ने सुरक्षा स्टॉक बनाने के लिए अपने कच्चे माल की खरीद गतिविधि में वृद्धि की।
सरकार ने जुलाई में आम बजट में मैनुफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए राज्यों और निजी क्षेत्र के साथ साझेदारी में 100 शहरों में या उसके आसपास 'प्लग एंड प्ले' औद्योगिक पार्क विकसित करने की घोषणा की है।
अग्रवाल ने आगे कहा कि डेटा एनालिटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में हमारी कार्यकुशलता हमारी सेना को पूर्वानुमानित अंतर्दृष्टि और कार्रवाई योग्य इंटेलिजेंस उपलब्ध कराता है, जिससे निर्णय लेने की क्षमता और ऑपरेशन को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।
रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल में एक बड़ा फैक्टर रहने वाला है।
पीएम मोदी ने लगभग 20 अर्थशास्त्रियों और विशेषज्ञों से पांच-पांच मिनट तक बात की। इस बात की काफी उम्मीद की जा रही है कि इनके लिए बजट में कुछ खास घोषणाएं की जा सकती हैं।
पीएमआई जून में बढ़कर 58.3 हो गया, जो मई में 57.5 था। पीएमआई के तहत 50 से ऊपर सूचकांक होने का मतलब उत्पादन गतिविधियों में विस्तार है जबकि 50 से नीचे का आंकड़ा गिरावट को दर्शाता है।
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