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ट्रंप जागते हुए जो सपने देख रहे हैं, क्या वो सच हो पाएंगे? अमेरिका में मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर के लिए क्या हैं चुनौतियां

 Written By: Sunil Chaurasia
 Published : Aug 08, 2025 01:51 pm IST,  Updated : Aug 08, 2025 03:54 pm IST

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अमेरिका में बड़े स्तर पर मैन्यूफैक्चरिंग शुरू कराना चाहते हैं। लेकिन, अमेरिका में मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर के सामने कई तरह की चुनौतियां हैं।

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अमेरिका में मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर के लिए कई तरह की चुनौतियां हैं Image Source : FREEPIK

अमेरिका का राष्ट्रपति बनने के बाद से डोनाल्ड ट्रंप 'Make America Great Again' की मुहिम पर काम कर रहे हैं। अमेरिका में लोकल प्रोडक्शन को बढ़ावा देने के लिए ही ट्रंप ने टैरिफ पॉलिसी में बदलाव किया और अब वे सभी देशों में भारी-भरकम टैरिफ लगा रहे हैं। लेकिन क्या ट्रंप का अमेरिका में बड़े स्तर पर मैन्यूफैक्चरिंग स्थापित करने का सपना सच हो पाएगा? यहां हम जानेंगे कि अमेरिका में मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर के लिए कौन-कौन सी बड़ी चुनौतियां हैं?

अमेरिका का मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर अभी भी काफी मजबूत स्थिति में है, लेकिन फिर भी यहां कंपनियों को कई तरह की चुनौतियां का सामना करना पड़ रहा है जो इसकी क्षमता पर सीधा असर डालती है। इन चुनौतियों में भारी-भरकम लेबर कॉस्ट, वर्कफोर्स स्किल गैप, सप्लाई चेन में मौजूद जटिलताएं जैसी प्रमुख चीजें शामिल हैं।

भारी-भरकम लेबर कॉस्ट

अमेरिका के मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर में लेबर कॉस्ट कई अन्य देशों और खासतौर पर एशियाई देशों की तुलना में कई गुना ज्यादा है। U.S. Department of Labor के अनुसार अमेरिका में न्यूनतम लेबर चार्ज 7.25 डॉलर (635.50 रुपये) प्रति घंटा है। इस वजह से अमेरिका में मैन्यूफैक्चरिंग करने वाली कंपनियों के लिए कीमतों के मामले में प्रतिस्पर्धा करना मुश्किल हो जाता है। इसके अलावा, यहां दूसरे सेक्टरों की तुलना में मैन्यूफैक्चरिंग में उस हिसाब से सैलरी नहीं मिल पाएगी। अमेरिका में मैन्यूफैक्चरिंग से दूर भागने का सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण कारण यहां का लेबर कॉस्ट ही है।

वर्कफोर्स स्किल गैप

अमेरिका में मॉडर्न मैन्यूफैक्चरिंग के लिए जरूरी टेक्निकल और इंजीनियरिंग विशेषज्ञता वाले स्किल्ड वर्कर्स की काफी कमी है। ये वर्कफोर्स स्किल गैप पिछले कुछ दशकों में मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर की नौकरियों में कमी, ट्रेनिंग में निवेश की कमी और अन्य सेक्टरों की ओर खास फोकस करने जैसे कारणों का परिणाम है।

सप्लाई चेन में मौजूद जटिलताएं

अमेरिका के मैन्यूफैक्चरर्स ग्लोबल सप्लाई चेन पर निर्भर हैं, जो जटिल होने के साथ-साथ महामारी, प्राकृतिक आपदाओं या व्यापार तनाव जैसी समस्याओं के प्रति संवेदनशील हो सकती हैं। विदेशी सप्लायर्स पर ज्यादा निर्भरता की वजह से न सिर्फ उत्पादन में तुलनात्मक रूप से काफी समय लग सकता है बल्कि इससे परिवहन लागत में भी काफी इजाफा हो सकता है। इतना ही नहीं, इससे प्रॉडक्ट की क्वालिटी और कंसिस्टेंसी सुनिश्चित करने में भी कई तरह की कठिनाइयां आ सकती हैं।

ये वो प्रमुख कारण हैं, जिनकी वजह से कई कंपनियां अमेरिका में मैन्यूफैक्चरिंग नहीं करना चाहती हैं। इसके अलावा, ऐसे और भी कई कारण हैं जो कंपनियों को अमेरिका में निर्माण शुरू करने से रोकती हैं। यही कारण है कि टेस्ला और एप्पल जैसी प्रमुख अमेरिकी कंपनियां खुद दूसरे देशों में मैन्यूफैक्चरिंग करती हैं।

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