Zomato के फाउंडर और सीईओ दीपिंदर गोयल ने बुधवार को कहा कि कंपनी को ‘चीफ ऑफ स्टाफ’ पद के लिए 18,000 से ज्यादा ऐप्लिकेशन मिले हैं, जिनमें से 30 कैंडिडेट्स को अलग-अलग पदों पर काम करने के लिए ऑफर दिया गया है। दीपिंदर ने इसके साथ ही ये भी क्लियर किया कि ‘‘ हमारे साथ काम करने के लिए किसी ने कोई पैसा नहीं दिया है।’’ बताते चलें कि कंपनी ने नवंबर में ‘चीफ ऑफ स्टाफ’ के पद के लिए अजीबो-गरीब क्राइटेरिया रखने के लिए बाद विवादों में आ गई थी।
आखिर क्या था 20 लाख रुपये वाला पूरा मामला
जोमैटो के सीईओ ने ‘चीफ ऑफ स्टाफ’पद पर नियुक्ति के लिए संभावित उम्मीदवारों से पहले साल 20 लाख रुपये की पेमेंट करने के लिए कहा था, जिसे नॉन-प्रॉफिटेबल ‘फीडिंग इंडिया’ को दान देने की बात कही गई थी। इसके साथ ही कंपनी ने उम्मीदवार की पसंद के किसी संगठन को 50 लाख रुपये दान देने की भी पेशकश की थी। दीपिंदर गोयल ने दावा किया था कि ये भूमिका ‘‘ किसी टॉप मैनेजमेंट स्कूल से प्राप्त 2-साल की डिग्री की तुलना में 10 गुना ज्यादा सीखने का मौका मिलेगा। इसके साथ ही, इसमें मेरे और कस्टमर टेक्नोलॉजी के कुछ सबसे बुद्धिमान लोगों के साथ काम करना का मौका भी मिलेगा।’’
चीफ ऑफ स्टाफ’ के पद पर काम कर रहे हैं 2 लोग
हालांकि, बुधवार को उन्होंने बताया कि चुने गए 30 लोगों में से 18 लोग पहले ही जोमैटो (और ब्लिंकिट जैसी ग्रुप की अन्य कंपनियों) में बड़ी भूमिकाओं में काम कर चुके हैं और उनके द्वारा लाई गई वैल्यू के लिए उन्हें शानदार कॉम्पनसेट दिया जा रहा है। कंपनी के सीईओ ने कहा कि 18 लोगों में से 4 लोग उनके साथ काम करते हैं और उनमें से 2 लोग‘चीफ ऑफ स्टाफ’ के पद पर हैं।
अभी खत्म नहीं हुआ है जोमैटो का काम
दीपिंदर गोयल ने कहा, ‘‘ हमारा काम अभी खत्म नहीं हुआ है। 18,000 से ज्यादा ऐप्लिकेशन्स के साथ, हम अब भी इन जबरदस्त और टैलेंटेड लोगों को बहुत सोच-समझकर छांट रहे हैं। ये सिर्फ एक बार का रिक्रूटमेंट नहीं है, ये उन लोगों में एक लॉन्ग-टर्म इंवेस्टमेंट है जो हमारे साथ फ्यूचर बनाएंगे। हम धीरे-धीरे ही सही, लेकिन निश्चित रूप से अच्छे और सही लोगों तक पहुंचते रहेंगे।’’