1. Hindi News
  2. पैसा
  3. बिज़नेस
  4. दुनिया में ईंधन और उर्वरक की कीमतें लंबे समय तक रह सकती हैं ऊंची, आईएमएफ-वर्ल्ड बैंक ने बताई वजह

दुनिया में ईंधन और उर्वरक की कीमतें लंबे समय तक रह सकती हैं ऊंची, आईएमएफ-वर्ल्ड बैंक ने बताई वजह

 Published : Apr 14, 2026 11:15 am IST,  Updated : Apr 14, 2026 11:15 am IST

आईएमएफ, वर्ल्ड बैंक और आईईए ने कहा है कि स्थिति अभी भी बेहद अनिश्चित बनी हुई है और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से शिपिंग सामान्य नहीं हो पाई है। भले ही भविष्य में शिपिंग बहाल हो जाए, लेकिन वैश्विक आपूर्ति को पूर्व स्तर पर आने में समय लगेगा, और तब तक ईंधन व उर्वरक की कीमतें ऊंची बनी रह सकती हैं।

कच्चे तेल, प्राकृतिक गैस और उर्वरक की कीमतों में तेज वृद्धि हुई है- India TV Hindi
कच्चे तेल, प्राकृतिक गैस और उर्वरक की कीमतों में तेज वृद्धि हुई है। Image Source : AP

अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष यानी IMF, विश्व बैंक और अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी या IEA ने चेतावनी दी है कि मध्य पूर्व में जारी युद्ध और वहां बनी अनिश्चितता के कारण ईंधन और उर्वरक की कीमतें लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर बनी रह सकती हैं। तीनों संस्थानों के प्रमुखों की एक समन्वय समूह के तहत बैठक हुई, जिसका गठन इसी महीने की शुरुआत में मध्य पूर्व संघर्ष के ऊर्जा और आर्थिक प्रभावों पर संयुक्त प्रतिक्रिया देने के लिए किया गया था। पीटीआई की खबर के मुताबिक, संयुक्त बयान में कहा गया कि इस युद्ध का प्रभाव व्यापक, वैश्विक और असमान है, जो विशेष रूप से ऊर्जा आयात करने वाले देशों और कम आय वाले देशों को अधिक प्रभावित कर रहा है। युद्ध के कारण लाखों लोग विस्थापित हुए हैं, रोजगार प्रभावित हुआ है और यात्रा एवं पर्यटन क्षेत्र में भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिसे सामान्य होने में समय लग सकता है।

खाद्य सुरक्षा और रोजगार को लेकर चिंताएं बढ़ीं

बयान में यह भी कहा गया कि इस संकट के चलते कच्चे तेल, प्राकृतिक गैस और उर्वरक की कीमतों में तेज वृद्धि हुई है, जिससे वैश्विक स्तर पर खाद्य सुरक्षा और रोजगार को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। वहीं, मध्य पूर्व के कुछ तेल और गैस उत्पादक देशों को निर्यात राजस्व में भारी नुकसान उठाना पड़ा है। तीनों संस्थानों ने स्पष्ट किया कि मध्य पूर्व की स्थिति अभी भी बेहद अनिश्चित बनी हुई है और होर्मुज जलडमरूमध्य (स्ट्रेट ऑफ होर्मुज) से शिपिंग पूरी तरह सामान्य नहीं हो पाई है।

उन्होंने कहा कि भले ही आपूर्ति फिर से शुरू हो जाए, लेकिन वैश्विक स्तर पर वस्तुओं की सप्लाई को पूर्व युद्ध स्तर तक पहुंचने में समय लगेगा। साथ ही, ढांचे को हुए नुकसान के कारण ईंधन और उर्वरक की कीमतें लंबे समय तक ऊंची रह सकती हैं। आपूर्ति बाधित होने के कारण ऊर्जा, खाद्य और अन्य उद्योगों पर भी गंभीर असर पड़ने की आशंका जताई गई है।

स्थिति पर लगातार नजर रखेंगे

तीनों संस्थानों के प्रमुखों ने यह आकलन IEA की मासिक ऑयल मार्केट रिपोर्ट और IMF के वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक जारी होने से पहले साझा किया। उन्होंने प्रभावित देशों की स्थिति और उठाए जा रहे कदमों की समीक्षा भी की। बयान में कहा गया कि सभी संस्थान मिलकर देश-स्तरीय सहयोग बढ़ा रहे हैं ताकि विशेषज्ञता साझा कर नीति सलाह दी जा सके और आवश्यकता पड़ने पर वित्तीय सहायता भी उपलब्ध कराई जा सके। आखिर में, नेताओं ने कहा कि वे स्थिति पर लगातार नजर रखेंगे और वैश्विक ऊर्जा बाजार, अर्थव्यवस्था और अलग-अलग देशों पर पड़ने वाले प्रभावों का आकलन जारी रखेंगे, ताकि एक स्थिर, मजबूत और समावेशी आर्थिक सुधार की नींव रखी जा सके।

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Business से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें पैसा