शेयर बाजार की उथल-पुथल के बीच सर्राफा बाजार से निवेशकों और आम जनता के लिए चौंकाने वाली खबर आ रही है। मार्च 2026 का महीना सोने और चांदी के खरीदारों के लिए बंपर डिस्काउंट वाला साबित हुआ है। जहां महीने की शुरुआत में कीमतें आसमान छू रही थीं, वहीं 30 मार्च तक आते-आते सोने और चांदी की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई है। आंकड़ों पर नजर डालें तो सोना करीब ₹22,000 और चांदी ₹67,000 तक सस्ती हो चुकी है, जिससे निवेशकों और खरीदारों दोनों की नजर बाजार पर टिकी हुई है।
महीने की शुरुआत यानी 2 मार्च को सोने का भाव करीब ₹1,70,000 प्रति 10 ग्राम रुपये तक पहुंच गया था, जो 30 मार्च तक गिरकर ₹1,47,300 रह गया। इसी तरह चांदी 2 मार्च को ₹2,97,000 प्रति किलो से फिसलकर ₹2,30,000 प्रति किलो तक आ गई। यह गिरावट पिछले कई महीनों में सबसे बड़ी मानी जा रही है।
आखिर क्यों आई इतनी गिरावट?
विशेषज्ञों के मुताबिक, वैश्विक बाजार में कमजोरी, मजबूत डॉलर और निवेशकों की बिकवाली इसकी बड़ी वजह रही। इसके अलावा सोने में इस महीने करीब 16% तक की गिरावट दर्ज की गई, जो दशकों में सबसे तेज गिरावट में से एक है। हालांकि महीने के आखिरी दिनों में ज्वेलर्स की खरीदारी बढ़ने से कीमतों में हल्की रिकवरी देखने को मिली। शादी सीजन के चलते फिजिकल डिमांड बढ़ी, जिससे सोना-चांदी के दाम को सपोर्ट मिला।
रुपये में कमजोरी से मिला सहारा
डॉलर के मुकाबले रुपये में गिरावट भी घरेलू बाजार में सोने की कीमतों को सहारा देने वाली रही। रुपया 95 प्रति डॉलर के पार पहुंच गया, जिससे इंपोर्टेड मेटल महंगे हो गए और कीमतों में गिरावट सीमित रही।
ग्लोबल संकेत क्या कहते हैं?
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने और चांदी में उतार-चढ़ाव जारी है। स्पॉट गोल्ड करीब 1% बढ़कर $4,530 प्रति औंस के आसपास पहुंच गया, जबकि चांदी भी हल्की तेजी के साथ कारोबार कर रही है। हालांकि बाजार का मूड अभी भी सतर्क बना हुआ है।
निवेशकों के लिए क्या है सलाह?
विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की गिरावट लंबे समय के निवेशकों के लिए मौका हो सकती है, लेकिन जल्दबाजी में फैसला लेने से बचना चाहिए। बाजार में अभी भी अनिश्चितता बनी हुई है।