ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने 121 वर्ग मीटर तक के बहुमंजिला फ्लैट आवंटियों के लिए वन-टाइम सेटलमेंट (ओटीएस) योजना को मंजूरी दे दी है। इस योजना का लाभ आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस), निम्न आय वर्ग (एलआईजी) और मध्यम आय वर्ग (एमआईजी) के फ्लैट धारक उठा सकेंगे। हिन्दुस्तान टाइम्स की खबर के मुताबिक, प्राधिकरण के अधिकारियों ने जानकारी दी कि यह योजना 31 दिसंबर तक प्रभावी रहेगी। इसका मुख्य मकसद लीज रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया को सरल और तेज़ बनाना है। साथ ही सालों से लंबित मामलों का समाधान करना है। योजना के अमल को लेकर जल्द ही विस्तृत आदेश जारी किए जाएंगे।
ये अहम फैसले भी हुए
बीते मंगलवार को हुई इस मीटिंग की अध्यक्षता उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव और प्राधिकरण के चेयरमैन मनोज कुमार सिंह ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए की थी। इस दौरान शहर के बुनियादी ढांचे और नागरिक सुविधाओं से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई। हिंडन नदी में बाढ़ से सुरक्षा के लिए ऐमनाबाद बांध पर एक नया रेजुलेटर बनाए जाने की स्वीकृति दी गई है। यह रेजुलेटर बिसरख नाले के पास कटाव को रोकने में भी सहायक होगा। निर्माण कार्य सिंचाई विभाग द्वारा किया जाएगा और इसकी ₹10.56 करोड़ की लागत ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण वहन करेगा।
CISF के लिए फ्लैट अलॉटमेंट
आगामी नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सीआईएसएफ जवानों के लिए आवासीय सुविधा की योजना को हरी झंडी मिली है। सेक्टर ओमिक्रॉन 1A में स्थित 467 खाली फ्लैटों को किराए पर सीआईएसएफ को दिया जाएगा। ये फ्लैट एलआईजी और एमआईजी कैटेगरी के हैं। इससे सुरक्षा कर्मियों को सुविधाजनक, सुरक्षित और नजदीकी आवास उपलब्ध कराया जा सकेगा। यह फैसला ग्रेटर नोएडा में नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने और शहरी विकास को गति देने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
अथॉरिटी करा रहा ये दो अहम काम
सेक्टर ओमिक्रोन-1A में अथॉरिटी द्वारा दो मंजिला सामुदायिक भवन का निर्माण कार्य प्रगति पर है। इसमें हॉल, किचन, स्टोर, शौचालय, पार्किंग आदि सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। यह भवन आगामी 6 माह में तैयार कर सेक्टरवासियों को सामाजिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों के लिए उपलब्ध कराया जाएगा। इसके अलावा, चार मूर्ति चौक पर निर्माणाधीन अंडरपास का कार्य तेजी से प्रगति पर है। इस परियोजना को समयसीमा में पूरा करने का लक्ष्य है, जिससे ग्रेटर नोएडा वेस्ट के नागरिकों को ट्रैफिक जाम से राहत और क्षेत्र की बेहतर यातायात व्यवस्था सुनिश्चित होगी।






































