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तेजी से बढ़ रही इंसानी बालों की तस्करी, इंडस्ट्री को बचाने के लिए सरकार ने उठाया ये कदम

 Edited By: Sunil Chaurasia
 Published : Feb 11, 2025 06:52 am IST,  Updated : Feb 11, 2025 06:52 am IST

म्यांमार और चीन जैसे देशों में अपरिष्कृत मानव बालों की बड़े पैमाने पर तस्करी हो रही है, जिसकी खबरें आने के बाद ये फैसला लिया गया है। तस्करी की वजह से स्थानीय उद्योगों और निर्यात को काफी नुकसान हो रहा था। भारत में आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और तमिलनाडु के अलावा पश्चिम बंगाल मानव बाल उद्योग का प्रमुख केंद्र है।

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मंदिरों से इकट्ठा किए जाते हैं रेमी कैटगरी के बाल Image Source : FREEPIK

केंद्र सरकार ने सोमवार को एक बड़ा फैसला लेते हुए 65 डॉलर प्रति किलो से कम कीमत वाले अपरिष्कृत मानव बालों (Raw Human Hair) के निर्यात पर रोक लगा दिया। एक अधिसूचना में इससे जुड़ी जानकारी साझा की गई है। बताते चलें कि सरकार ने इससे पहले जनवरी, 2022 में इस तरह के एक्सपोर्ट पर रोक लगाई थी। विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) ने एक सर्कुलर में कहा, ''अपरिष्कृत मानव बालों की एक्सपोर्ट पॉलिसी को अंकुश से संशोधित कर प्रतिबंधित कर दिया गया है। हालांकि, अगर निर्यात मूल्य 65 डॉलर प्रति किलो या उससे ज्यादा है, तो निर्यात किया जा सकता है।''

म्यांमार और चीन जैसे देशों में हो रही बालों की तस्करी

बताते चलें कि म्यांमार और चीन जैसे देशों में अपरिष्कृत मानव बालों की बड़े पैमाने पर तस्करी हो रही है, जिसकी खबरें आने के बाद ये फैसला लिया गया है। तस्करी की वजह से स्थानीय उद्योगों और निर्यात को काफी नुकसान हो रहा था। भारत में आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और तमिलनाडु के अलावा पश्चिम बंगाल मानव बाल उद्योग का प्रमुख केंद्र है। मानव बाल के व्यापार में भारत के प्रमुख प्रतिस्पर्धी देशों में चीन, कंबोडिया, वियतनाम और म्यांमार के नाम शामिल हैं।

मंदिरों से इकट्ठा किए जाते हैं रेमी कैटगरी के बाल

भारत में दो तरह के बाल इकट्ठे किए जाते हैं- रेमी और नॉन-रेमी। रेमी बाल, सबसे अच्छी कैटेगरी के होते हैं, जिन्हें मंदिरों से इकट्ठा किया जाता है। बताते चलें कि भारत में बड़ी संख्या में हिंदू तीर्थ यात्री धार्मिक मान्यताओं के तहत मंदिरों में अपने बाल दान करते हैं। रेमी बाल का इस्तेमाल मुख्य रूप से विग बनाने के लिए किया जाता है। जबकि नॉन-रेमी बाल गांवों और शहरों से इकट्ठे किए जाते हैं। चालू वित्त वर्ष में अप्रैल-नवंबर के दौरान इंसानी बालों का एक्सपोर्ट 12.39 करोड़ अमेरिकी डॉलर रहा, जबकि 2023-24 में ये आंकड़ा 12.4 करोड़ डॉलर था। इसे मुख्य रूप से म्यांमार को निर्यात किया जाता है।

पीटीआई इनपुट्स के साथ...

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