भारत के विदेशी मुद्रा भंडार को लेकर शुक्रवार को एक बहुत अच्छी खबर आई है। 23 मई को खत्म हुए सप्ताह में देश का विदेशी मुद्रा भंडार 6.99 अरब डॉलर की छप्परफाड़ बढ़त के साथ 692.72 अरब डॉलर हो गया। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने शुक्रवार को ये जानकारी दी। बताते चलें कि इससे पहले 16 मई को खत्म हुए सप्ताह में देशी का विदेशी मुद्रा भंडार 4.89 अरब डॉलर की बड़ी गिरावट के बाद 685.73 अरब डॉलर हो गया था। सितंबर, 2024 के अंत में विदेशी मुद्रा भंडार 704.88 अरब डॉलर के लाइफटाइम हाई पर पहुंच गया था।
बीते हफ्तों में कैसी रही विदेशी मुद्रा भंडार की स्थिति
9 मई को खत्म हुए सप्ताह में देश का विदेशी मुद्रा भंडार 4.55 अरब डॉलर की बढ़ोतरी के साथ 690.62 अरब डॉलर हो गया था। उससे पहले, 2 मई को खत्म हुए हफ्ते में देश का कुल विदेशी मुद्रा भंडार 2.06 अरब डॉलर की गिरावट के साथ 686.06 अरब डॉलर हो गया था। उससे भी एक हफ्ते पहले, 25 अप्रैल को खत्म हुए हफ्ते में मुद्रा भंडार 1.98 अरब डॉलर की बढ़ोतरी के साथ 688.13 अरब डॉलर हो गया था।
गोल्ड रिजर्व की वैल्यू में क्या हुआ बदलाव
रिजर्व बैंक के आंकड़ों के मुताबिक, 23 मई को समाप्त सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार का एक प्रमुख हिस्सा विदेशी मुद्रा आस्तियां 45.16 लाख डॉलर बढ़कर 586.17 अरब डॉलर हो गईं। डॉलर के संदर्भ में उल्लेखित विदेशी मुद्रा आस्तियों में विदेशी मुद्रा भंडार में रखे गए यूरो, पाउंड और येन जैसी गैर-अमेरिकी मुद्राओं की घट-बढ़ का प्रभाव शामिल होता है। इस दौरान देश के गोल्ड रिजर्व (स्वर्ण भंडार) की वैल्यू 2.37 अरब डॉलर बढ़कर 83.58 अरब डॉलर हो गई।
IMF के पास भारत के आरक्षित भंडार का क्या है अपडेट
विशेष आहरण अधिकार (एसडीआर) 8.1 करोड़ डॉलर बढ़कर 18.57 अरब डॉलर हो गया। केंद्रीय बैंक के आंकड़ों के अनुसार, आलोच्य सप्ताह में अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के पास भारत का आरक्षित भंडार भी 3 करोड़ डॉलर बढ़कर 4.40 अरब डॉलर हो गया।