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दुनिया के आधे डिजिटल लेन-देन सिर्फ भारत में, PM ने कहा- फिनटेक में पिछले 10 साल में हुआ 31 अरब डॉलर का निवेश

 Edited By: Pawan Jayaswal
 Published : Aug 30, 2024 04:59 pm IST,  Updated : Aug 30, 2024 04:59 pm IST

पीएम मोदी ने ग्लोबल फिनटेक फेस्ट में कहा कि साइबर धोखाधड़ी रोकने तथा लोगों की डिजिटल समझ बढ़ाने के लिए और कदम उठाये जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत में वित्तीय प्रौद्योगिकी क्षेत्र द्वारा लाया गया बदलाव केवल प्रौद्योगिकी तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसका सामाजिक प्रभाव दूरगामी है।

पीएम मोदी- India TV Hindi
पीएम मोदी Image Source : REUTERS

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि सरकार वित्तीय प्रौद्योगिकी (फिनटेक) क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए नीतिगत स्तर पर विभिन्न कदम उठा रही है। मोदी ने कहा कि इस क्षेत्र में पिछले 10 वर्षों में 31 अरब डॉलर से अधिक का निवेश हुआ है। ‘एंजल टैक्स’ को समाप्त करना भी इस क्षेत्र की वृद्धि की दिशा में एक कदम है। उन्होंने नियामकों से साइबर धोखाधड़ी की जांच के लिए अतिरिक्त उपाय करने को कहा, जिसका स्टार्टअप पर बुरा असर हो सकता है। एंजल कर (30 प्रतिशत से अधिक की दर से आयकर) का मतलब वह आयकर है जो सरकार गैर-सूचीबद्ध कंपनियों या स्टार्टअप द्वारा जुटाई गई धनराशि पर लगाती है। यदि उनका मूल्यांकन कंपनी के उचित बाजार मूल्य से अधिक है।

साइबर धोखाधड़ी पर लगे लगाम

प्रधानमंत्री पेमेंट्स काउंसिल ऑफ इंडिया, नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया और फिनटेक कन्वर्जेंस काउंसिल द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित ग्लोबल फिनटेक फेस्ट (जीएफएफ) 2024 को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने नियामकों से साइबर धोखाधड़ी रोकने तथा लोगों की डिजिटल समझ बढ़ाने के लिए और कदम उठाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, ‘‘वित्तीय सेवाओं के लोकतंत्रीकरण में वित्तीय प्रौद्योगिकी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।’’ मोदी ने विश्वास व्यक्त किया कि इससे भारतीयों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार लाने में मदद मिलेगी। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारतीयों द्वारा वित्तीय प्रौद्योगिकी को जितनी तेजी से तथा जिस व्यापक स्तर पर अपनाया गया है, दुनिया में कहीं ऐसा देखने को नहीं मिला।

गांवों और शहरों को बीच खाई पट रही

मोदी ने कहा कि भारत में वित्तीय प्रौद्योगिकी क्षेत्र द्वारा लाया गया बदलाव केवल प्रौद्योगिकी तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसका सामाजिक प्रभाव दूरगामी है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि वित्तीय प्रौद्योगिकी ने समानांतर अर्थव्यवस्था को चोट दी और यह वित्तीय सेवाओं के मोर्चे पर गांवों तथा शहरों के बीच की खाई को पाट रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले 10 वर्षों में वित्तीय प्रौद्योगिकी क्षेत्र ने 31 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक का निवेश आकर्षित किया है और ‘फिनटेक’ स्टार्टअप में 500 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि सरकार फिनटेक क्षेत्र की सहायता के लिए नीतिगत स्तर पर सभी आवश्यक बदलाव कर रही है और उन्होंने एंजल टैक्स को खत्म करने, देश में शोध और नवाचार को प्रोत्साहित करने के लिए एक लाख करोड़ रुपये आवंटित करने और डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम को लागू करने का उदाहरण दिया।

फिनटेक ने पारदर्शिता को बढ़ावा दिया

मोटे तौर पर, फिनटेक का मतलब वित्तीय सेवाएं प्रदान करने के लिए प्रौद्योगिकियों का उपयोग करने वाली संस्थाओं से है। साइबर धोखाधड़ी को समाप्त करने की आवश्यकता व्यक्त करते हुए उन्होंने नियामकों से डिजिटल साक्षरता को बढ़ावा देने के लिए बड़ी पहल करने का आग्रह किया। मोदी ने कहा कि यह सुनिश्चित करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है कि साइबर धोखाधड़ी देश में फिनटेक और स्टार्टअप के विकास के रास्ते में न आए। अपने भाषण में, प्रधानमंत्री ने दुनिया के लिए समानांतर अर्थव्यवस्था के खतरों के बारे में भी आगाह किया। उन्होंने कहा कि फिनटेक ने ऐसी प्रणाली को खत्म करने में एक प्रभावशाली भूमिका निभाई है और पारदर्शिता को बढ़ावा दिया है। उन्होंने कहा कि भारत में त्योहारों का मौसम है, अर्थव्यवस्था तथा बाजारों में भी उत्सव का माहौल है। उनका स्पष्ट इशारा मजबूत सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में वृद्धि तथा पूंजी बाजार के नई ऊंचाइयों पर पहुंचने की ओर था।

‘प्रधानमंत्री मुद्रा योजना’ में दिये गए 27 लाख करोड़ के लोन

मोदी ने कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को बताया कि ‘प्रधानमंत्री मुद्रा योजना’ के तहत 27 लाख करोड़ रुपये से अधिक के ऋण वितरित किए गए हैं। ‘प्रधानमंत्री मुद्रा योजना’ विश्व की सबसे बड़ी लघु वित्त योजना है। मोदी ने आगे कहा कि जन धन, आधार और मोबाइल की त्रिमूर्ति ने 'नकदी ही राजा है' की मानसिकता को तोड़ दिया है और दुनिया में होने वाले लगभग आधे डिजिटल लेन-देन भारत में होने का रास्ता बना दिया है। उन्होंने कहा, ''भारत का यूपीआई दुनिया में फिनटेक का एक प्रमुख उदाहरण बन गया है।'' उन्होंने कहा कि इसने हर मौसम में हर गांव और शहर में बैंकिंग सेवाओं को सक्षम किया है। उन्होंने कहा कि फिनटेक ने ऋण तक पहुंच को आसान और समावेशी बना दिया है। मोदी ने पीएम स्वनिधि योजना का उदाहरण दिया, जिसने स्ट्रीट वेंडरों को गिरवी मुक्त ऋण पाने और डिजिटल लेनदेन की मदद से अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाने में सक्षम बनाया है। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर शक्तिकांत दास ने इस कार्यक्रम में कहा कि डिजिटल प्रौद्योगिकियां वित्तीय समावेश का विस्तार करने, दक्षता में सुधार लाने और देश भर में वास्तविक समय में सेवाएं सक्षम बनाने में महत्वपूर्ण रही हैं।

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