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डोनाल्ड ट्रंप को बड़ा झटका देने की तैयारी, सरकार बना रही 20,000 करोड़ रुपये के एक्सपोर्ट प्रोमोशन मिशन का प्लान

 Written By: Sunil Chaurasia
 Published : Aug 05, 2025 11:16 am IST,  Updated : Aug 05, 2025 11:46 am IST

इस मिशन के 5 अलग-अलग घटक होंगे- जिनमें ट्रेड फाइनेंस, स्टैंडर्ड और मार्केट एक्सेस से संबंधित नॉन-फाइनेंस ट्रेड, ब्रांड इंडिया के लिए बेहतर ब्रांड रिकॉल, ई-कॉमर्स हब एवं वेयरहाउसिंग और व्यापार सुविधा होंगे।

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सितंबर से मिशन शुरू करना चाहती है सरकार Image Source : FREEPIK

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मनमानी उन्हीं पर भारी पड़ सकती है। दरअसल, भारत ने अमेरिका द्वारा 25 प्रतिशत टैरिफ लगाए जाने के बाद डोनाल्ड ट्रंप को झटका देने की तैयारी शुरू कर दी है। इकोनॉमिक टाइम्स की किरतिका सुनेजा की एक रिपोर्ट के मुताबिक, भारत अपने एक्सपोर्टरों को वैश्विक व्यापार अनिश्चितताओं और उतार-चढ़ाव से बचाने के लिए इस साल सितंबर तक 20,000 करोड़ रुपये का लॉन्ग टर्म प्लान पेश करने की योजना बना रहा है। अधिकारियों के मुताबिक, नए एक्सपोर्ट प्रोमोशन मिशन के तहत एक्सपोर्ट क्रेडिट तक पहुंच को आसान बनाने और विदेशी बाजारों में नॉन-टैरिफ बाधाओं से निपटने के उद्देश्य से कई उपायों की योजना बनाई जा रही है।

मिशन को संयुक्त रूप से संचालित करेंगे ये मंत्रालय

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय द्वारा एक्सपोर्टरों से अमेरिका द्वारा लगाए गए 25% टैरिफ से निपटने के लिए घरेलू ब्रांडों का निर्माण और प्रचार करने का आग्रह किए जाने के मद्देनजर सरकार की ये पहल काफी महत्वपूर्ण हो जाती है। एक अधिकारी ने इकोनॉमिक टाइम्स से कहा, "इस मिशन को एक योजना के रूप में क्रियान्वित करने के लिए अगले 5-6 सालों में ₹20,000 करोड़ से ज्यादा की आवश्यकता है। इस पर विचार-विमर्श चल रहा है।" इस मिशन को वाणिज्य एवं उद्योग, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) और वित्त मंत्रालयों द्वारा संयुक्त रूप से संचालित किया जा रहा है।

सितंबर से मिशन शुरू करना चाहती है सरकार

अधिकारी ने कहा, "ये मिशन अप्रत्यक्ष रूप से अमेरिका और जहां भी हमारा निर्यात जाता है, वहां के निर्यात में मदद करेगा। हमें इसे अगस्त तक पूरा करना होगा ताकि ये सितंबर तक चालू हो जाए।" इस योजना में जापान, कोरिया और स्विट्जरलैंड की तर्ज पर ब्रांड इंडिया को ग्लोबल प्लेटफॉर्म पर लाना, ई-कॉमर्स सेंटरों की स्थापना में सहयोग देना और जिलों को एक्सपोर्ट सेंटर के रूप में विकसित करना भी शामिल है। भारतीय निर्यात संगठनों के महासंघ (FIEO) के डायरेक्टर जनरल अजय सहाय ने कहा, "अगर इतना बड़ा फंड इस चुनौतीपूर्ण समय में हमारे एक्सपोर्ट को सहारा दे सके तो ये काफी पॉजिटिव होगा।"

एमएसएमई एक्सपोर्टरों को दिया जाएगा कोलैटरल-फ्री लोन

इस मिशन के 5 अलग-अलग घटक होंगे- जिनमें ट्रेड फाइनेंस, स्टैंडर्ड और मार्केट एक्सेस से संबंधित नॉन-फाइनेंस ट्रेड, ब्रांड इंडिया के लिए बेहतर ब्रांड रिकॉल, ई-कॉमर्स हब एवं वेयरहाउसिंग और व्यापार सुविधा होंगे। एमएसएमई एक्सपोर्टरों के लिए, योजना पूरी तरह या आंशिक रूप से कोलैटरल-फ्री लोन प्रदान करने की है, जिसमें व्यक्तिगत निर्यातकों पर एक सीमा होगी और ये उनके क्रेडिट हिस्ट्री पर आधारित होगा। बताते चलें कि अमेरिका ने भारत पर 25 प्रतिशत तो वहीं पाकिस्तान, बांग्लादेश, तुर्की समेत अन्य प्रतिद्वंद्वी देशों पर 15 से 20 फीसदी का टैरिफ लगाया है।

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