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कार हो या बाइक– ​नियम तोड़ने में कोई नहीं पीछे, 2024 में रिकॉर्ड 8 करोड़ हुए चालान, 50% चालान इस एक नियम तोड़ने पर

 Edited By: Alok Kumar @alocksone
 Published : May 19, 2025 05:19 pm IST,  Updated : May 19, 2025 05:19 pm IST

ट्रैफिक नियम तोड़ने में कार चालक या बाइक राइडर कोई पीछे नहीं है। वहीं, ओवरस्पीडिंग रोकना ट्रैफिक पुलिस के लिए सबसे बड़ा सिरदर्द बनता जा रहा है।

Traffic Rule - India TV Hindi
ट्रैफिक नियम Image Source : FILE

सरकार और ट्रैफिक पुलिस के तमाम प्रयास के बावजूद यातायात नियम तोड़ने वालों की संख्या में कमी नहीं आ रही है। आपको जानकार आश्चर्य होगा कि 2024 में 8 करोड़ से अधिक गाड़ी चालकों को चालान किया गया। इनमें कार चालक और टू–व्हीलर दोनों समान रूप से शामिल थे। इतना ही नहीं, सबसे अधिक चालान ओवरस्पीडिंग के मामले में किए गए। करीब 50% चालान ओवरस्पीडिंग के केसे में जारी किए गए। ये जानकारी कार्स24 की ‘चालान रिपोर्ट’ से मिली है। रिपोर्ट के अनुसार, भारत में 2024 में 12,000 करोड़ रुपये का यातायात जुर्माना किया गया, जिसमें से 9,000 करोड़ रुपये का भुगतान नहीं किया गया। 

रिपोर्ट की अहम बातें 

  • ओवरस्पीडिंग बनी सबसे बड़ी मुसीबत, 2024 में रिकॉर्ड 8 करोड़ ट्रैफिक चालान सिर्फ इसी कारण हुए। 
  • ₹12,000 करोड़ के चालान 2024 में जारी किए, जिसमें से ₹9,000 करोड़ अब भी बकाया हैं।
  • रिकॉर्ड 8 करोड़ से अधिक चालान जारी किए गए। लगभग हर दूसरे वाहन के लिए एक चालान किया गया। 
  • ओवरस्पीडिंग सबसे आम अपराध, लगभग 50% चालान इसी वजह से हुए।
  • हेलमेट और सीट बेल्ट न पहनना, गलत पार्किंग, सिग्नल जम्प करने के कारण भी चलान किए गए। 
  • ट्रैफिक नियम तोड़ने में टू-व्हीलर और फोर-व्हीलर दोनों समान रूप से दोषी। चालानों का 55% चार-पहिया और 45% दो-पहिया वाहनों पर हुआ।

गुरुग्राम में रोज 4,500 चालान जारी किए गए 

रिपोर्ट में कहा गया कि गुरुग्राम में प्रतिदिन लगभग 4,500 चालान किए गए, जबकि नोएडा में केवल हेलमेट न लगाने के लिए एक महीने में तीन लाख रुपये से अधिक के चालान किए गए। ट्रैफिक पुलिस के सख्त नियमों के बावजूद कानून तोड़ने वालों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। आंकड़े एक ऐसी प्रणाली की ओर इशारा करते हैं, जहां जुर्माना कागजों पर मौजूद हैं, लेकिन रोकथाम कमजोर है। कुल 12,000 करोड़ रुपये का जुर्माना सिर्फ एक आंकड़ा नहीं है, बल्कि यह दर्शाता है कि देश भर में कितनी बार और कितनी आसानी से यातायात नियमों का उल्लंघन किया जाता है। रिपोर्ट में कहा गया कि 55 प्रतिशत चालान चार पहिया वाहनों के थे, जबकि बाकी 45 प्रतिशत चालान दोपहिया वाहनों के हुए।

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