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टाटा ग्रुप में फिर बढ़ी हलचल, चंद्रशेखरन को चेयरमैन बनाए रखने के फैसले को नोएल टाटा ने दी चुनौती; जानें पूरा मामला

 Written By: Shivendra Singh
 Published : Oct 27, 2026 08:33 am IST,  Updated : Oct 27, 2026 08:33 am IST

टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा ने टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन को पांच साल के लिए दोबारा नियुक्त करने के प्रस्ताव को चुनौती दी है। यह प्रस्ताव 17 सितंबर को टाटा संस के बोर्ड की बैठक में पास हुआ था।

टाटा ग्रुप में आखिर...- India TV Hindi
टाटा ग्रुप में आखिर क्या चल रहा है? Image Source : ANI

देश के सबसे बड़े कारोबारी समूहों में शामिल टाटा ग्रुप के भीतर नेतृत्व को लेकर विवाद गहराता नजर आ रहा है। टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा ने टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन को दोबारा इस पद पर नियुक्त करने के फैसले को चुनौती दी है। यह प्रस्ताव 17 सितंबर को टाटा संस के बोर्ड की बैठक में पास हुआ था। इस घटनाक्रम से ग्रुप के टॉप लेवल पर मतभेद खुलकर सामने आए हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, नोएल टाटा ने सोमवार को टाटा संस के कंपनी सेक्रेटरी सुप्रकाश मुखोपाध्याय को पत्र लिखकर चंद्रशेखरन की दोबारा नियुक्ति पर आपत्ति जताई। चंद्रशेखरन का मौजूदा कार्यकाल फरवरी 2027 में खत्म होना है। बोर्ड ने उन्हें इसके बाद भी पांच साल के लिए चेयरमैन बनाए रखने का प्रस्ताव मंजूर किया था। सूत्रों के अनुसार, नोएल ने इस प्रस्ताव को अमान्य बताया है। उनका तर्क है कि बैठक में चंद्रशेखरन की पुनर्नियुक्ति का मुद्दा एजेंडे में शामिल नहीं था और इस पर तय प्रक्रिया से हटकर फैसला लिया गया। उनके मुताबिक, बैठक का उद्देश्य नॉमिनेशन एंड रेम्यूनरेशन कमेटी की ओर से दी गई जानकारी पर चर्चा करना था।

बोर्ड में किसने किसका साथ दिया?

चंद्रशेखरन की दोबारा नियुक्ति के प्रस्ताव पर मतदान के दौरान नोएल टाटा ने इसका विरोध किया था। वहीं, टाटा ट्रस्ट्स के एक अन्य नामित निदेशक वेणु श्रीनिवासन ने बहुमत के साथ प्रस्ताव का समर्थन किया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अनीता जॉर्ज, हरीश मनवानी और सौरभ अग्रवाल समेत अन्य निदेशकों ने भी चंद्रशेखरन की पुनर्नियुक्ति के पक्ष में वोट दिया था।

टाटा ट्रस्ट्स के पास टाटा संस में दो-तिहाई हिस्सेदारी

टाटा ट्रस्ट्स के पास टाटा संस की करीब दो-तिहाई हिस्सेदारी है। नोएल टाटा का तर्क है कि टाटा संस के आर्टिकल्स ऑफ एसोसिएशन के मुताबिक, किसी प्रस्ताव को पास कराने के लिए टाटा ट्रस्ट्स के नामित निदेशकों का समर्थन जरूरी है।

बैठक की वीडियो रिकॉर्डिंग भी मांगी

सूत्रों के अनुसार, नोएल टाटा ने अपने पत्र में 17 सितंबर की बोर्ड बैठक की बिना संपादन वाली वीडियो रिकॉर्डिंग भी मांगी है। इस मामले पर टिप्पणी के लिए टाटा संस और टाटा ट्रस्ट्स को ईमेल भेजे गए, लेकिन तत्काल कोई जवाब नहीं मिला। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि नोएल की चुनौती का चंद्रशेखरन की पुनर्नियुक्ति पर क्या असर पड़ेगा। हालांकि, इस घटनाक्रम ने टाटा ग्रुप के बोर्ड में निर्णय लेने की प्रक्रिया और आंतरिक मतभेदों को लेकर चर्चा तेज कर दी है।

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