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TCS में फिर से मची हलचल! 3 महीने में 19,755 कर्मचारियों की संख्या घटी; NITES ने कंपनी पर लगाया बड़े पैमाने पर छंटनी का आरोप

 Edited By: Shivendra Singh
 Published : Oct 10, 2025 08:23 am IST,  Updated : Oct 10, 2025 09:03 am IST

केवल तीन महीनों में TCS के कर्मचारियों की संख्या 19,755 घट गई है, जो पहले की योजनाओं से कहीं ज्यादा है। इस ताजा अपडेट ने आईटी सेक्टर में हलचल मचा दी है, वहीं कर्मचारियों के संघ NITES ने आरोप लगाया है कि TCS बड़े पैमाने पर छंटनी को छिपा रही है।

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TCS में 19,755 हेडकाउंट कम हुए। Image Source : ANI

भारत की आईटी सेक्टर की दिग्गज कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के कर्मचारियों के लिए एक बार फिर चिंता का माहौल बन गया है। कंपनी की तिमाही रिपोर्ट के अनुसार, जून 2025 से सितंबर 2025 के बीच TCS का हेडकाउंट 19,755 कर्मचारियों की कमी के साथ 5,93,314 पर आ गया, जो कि कंपनी द्वारा पहले घोषित योजना से 66% ज्यादा है। यह आंकड़ा इस बात की ओर इशारा करता है कि कंपनी केवल टारगेट छंटनी से कहीं ज्यादा कर्मचारियों को बाहर कर रही है।

कंपनी के नए CHRO सुधीप कुनुमल ने बताया कि इस कमी में कुछ कर्मचारियों ने खुद नौकरी छोड़ी और कुछ को कंपनी ने बाहर किया। इनमें से करीब 6000 लोगों को कंपनी ने मजबूरी में निकाला। उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है और आगे भी कुछ और कर्मचारियों की छुट्टी हो सकती है। आपको बता दें कि जुलाई 2025 में TCS ने घोषणा की थी कि वह वर्ष में कुल 2% कर्मचारियों यानी करीब 12,000 लोगों को रिलीज करने की योजना बना रही है। इसमें ज्यादातर प्रभावित कर्मचारी मिड और सीनियर लेवल के हैं।

NITES का बड़ा आरोप

आईटी कर्मचारियों के संगठन NITES ने आरोप लगाया है कि TCS अपनी बड़ी छंटनी को कम दिखा रही है। NITES के अनुसार, कंपनी की वेबसाइट पर जो आंकड़े दिए गए हैं, उनसे पता चलता है कि करीब 8000 कर्मचारी ऐसे भी हैं जिनकी नौकरी छूटने की जानकारी पहले कंपनी ने नहीं दी थी। संगठन का कहना है कि यह जानबूझकर लोगों और नियम बनाने वालों को गुमराह करने की कोशिश है।

'ज्यादातर कर्मचारी को मैनेजमेंट कर रहा बाहर'

NITES ने यह भी कहा कि इन छंटनी के मामलों में ज्यादातर कर्मचारी मैनेजमेंट द्वारा बाहर किए गए हैं, क्योंकि वास्तविक एट्रिशन दर गिर रही है। संघ का कहना है कि TCS का बिजनेस लगातार बढ़ रहा है, इसलिए यह छंटनी केवल मुनाफे को प्रायोरिटी देने और कर्मचारियों की परेशानियों को नजरअंदाज करने जैसा कदम है।

TCS vs NITES

CHRO सुधीप कुनुमल ने कहा कि जो कर्मचारी प्रभावित हुए हैं, उन्हें अच्छे सेवरेंस पैकेज, काउंसलिंग और नई नौकरी खोजने में मदद दी जा रही है। उन्होंने बताया कि यह कदम TCS को भविष्य के लिए तैयार करने और बिजनेस की योजना के हिस्से के रूप में लिया गया है। हालांकि लेकिन NITES का कहना है कि यह सिर्फ कंपनी का स्ट्रक्टर बदलने की बात नहीं है, बल्कि यह कर्मचारियों के साथ अन्याय है। लंबे समय तक कंपनी में काम करने वाले लोगों को अचानक नौकरी से बाहर किया जा रहा है।

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