1. Hindi News
  2. पैसा
  3. बिज़नेस
  4. TCS ने SpiceJet पर लगाया बड़ा आरोप, 2.34 करोड़ के बिल न चुकाने पर कोर्ट में खींचा मामला!

TCS ने SpiceJet पर लगाया बड़ा आरोप, 2.34 करोड़ के बिल न चुकाने पर कोर्ट में खींचा मामला!

 Edited By: Shivendra Singh
 Published : Oct 02, 2025 07:28 pm IST,  Updated : Oct 02, 2025 07:28 pm IST

TCS ने अब तक के अपने सबसे बड़े एयरलाइन क्लाइंटों में से एक SpiceJet के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। दिल्ली हाईकोर्ट में दायर की गई याचिका में TCS ने एयरलाइन पर 2.34 करोड़ रुपये के टेक बिल न चुकाने का आरोप लगाया है।

Spicejet, TCS,- India TV Hindi
TCS ने SpiceJet को कोर्ट में घसीटा। Image Source : PTI

देश की प्रमुख IT कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) ने एयरलाइन कंपनी स्पाइसजेट (SpiceJet) को कोर्ट में घसीट दिया है। मामला दिल्ली हाईकोर्ट में चल रहा है, जहां टीसीएस ने एयरलाइन के 2.34 करोड़ रुपये के बकाया तकनीकी बिल की वसूली के लिए केस दर्ज किया है। टीसीएस ने कोर्ट से अनुरोध किया है कि एयरलाइन की संपत्ति को इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के टर्मिनल 1D में अटैच किया जाए, ताकि बकाया राशि वसूली जा सके।

टीसीएस की ओर से कोर्ट को बताया गया कि जुलाई 2019 से सितंबर 2023 तक प्रदान की गई आईटी सर्विसेस का भुगतान स्पाइसजेट ने पूरी तरह से टाल-मटोल किया। एयरलाइन ने न सिर्फ इनवॉइस और पेमेंट प्लान के खिलाफ भुगतान से इनकार किया, बल्कि दिल्ली हाईकोर्ट लीगल सर्विसेज कमिटी द्वारा दिए गए समझौते के अवसर पर भी उपस्थित नहीं हुई। कोर्ट ने स्पाइसजेट को नोटिस जारी कर चार सप्ताह के भीतर जवाब देने का निर्देश दिया है, जबकि अगली सुनवाई 14 नवंबर 2025 को तय की गई है।

क्या है पूरा मामला

2018 में टीसीएस और स्पाइसजेट के बीच एक मल्टीप्रोंग्ड सर्विसेज एग्रीमेंट हुआ था, जिसमें TCS को एयरलाइन के SAP S/4 HANA सॉफ्टवेयर सिस्टम को विकसित और सपोर्ट करने की जिम्मेदारी दी गई थी। यह सिस्टम एयरलाइन के मुश्किल बिजनेस ऑपरेशन्स को सुचारू बनाने के लिए बनाया गया था। TCS ने 2023 तक ये सेवाएं प्रदान कीं।

टीसीएस के वकील का बयान

टीसीएस के वकील असव राजन ने कोर्ट में कहा कि कई प्रयासों के बावजूद, स्पाइसजेट ने अपने बकाया को चुकाने से इनकार किया। यहां तक कि एयरलाइन ने भुगतान योजनाओं को स्वीकार किया, लेकिन बकाया राशि नहीं चुकाई। जनवरी 2024 में भी एयरलाइन ने बकाया स्वीकार किया, लेकिन फिर भी कोई भुगतान नहीं किया। टीसीएस का कहना है कि लंबे समय से चले आ रहे बिजनेस रिलेशनशिप को देखते हुए उसने सेवाएं जारी रखीं। कंपनी ने 15 जून, 2024 को कानूनी नोटिस भी भेजा, लेकिन स्पाइसजेट ने न तो जवाब दिया और न ही कोई भुगतान किया।

एक्सपर्ट्स का क्या कहना?

विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला एयरलाइन इंडस्ट्री और आईटी कंपनियों के बीच वित्तीय अनुशासन और भुगतान समयबद्धता की अहमियत को उजागर करता है। अब सबकी निगाहें दिल्ली हाईकोर्ट पर हैं, जहां यह तय होगा कि स्पाइसजेट अपने बकाया भुगतान से बच पाएगी या टीसीएस को 2.34 करोड़ का हक मिल जाएगा।

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Business से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें पैसा