देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) इन दिनों बड़े पैमाने पर छंटनी की प्रक्रिया से गुजर रही है। तकनीकी बदलाव और ऑटोमेशन के इस दौर में कंपनी ने अपने कर्मचारियों की संख्या घटाने का फैसला किया है। लेकिन इस मुश्किल घड़ी में टीसीएस ने ऐसा कदम उठाया है जिसने प्रभावित कर्मचारियों को राहत की सांस दी है। दरअसल, कंपनी नौकरी से हटाए जाने वाले कर्मचारियों को 6 महीने से लेकर 2 साल तक की सैलरी बतौर सेवरेंस पैकेज (मुआवजा) देने जा रही है।
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क्यों लिया गया फैसला?
सूत्रों के मुताबिक, कंपनी ने करीब 12,000 कर्मचारियों यानी कुल वर्कफोर्स का लगभग 2% घटाने का निर्णय लिया है। इसका कारण यह है कि कई कर्मचारियों की स्किल्स अब बदलते जमाने की जरूरतों और क्लाइंट्स की डिमांड से मेल नहीं खा रही थीं। कंपनी चाहती है कि अपनी टीम को चुस्त-दुरुस्त और भविष्य के लिए तैयार किया जाए।
किन्हें मिलेगा कितना पैकेज?
- बेंच पर बैठे कर्मचारी (8 महीने से बिना प्रोजेक्ट के): इन्हें केवल 3 महीने की सैलरी नोटिस पीरियड पे के रूप में दी जाएगी।
- 10 से 15 साल तक सेवा देने वाले कर्मचारी: इन्हें लगभग 1.5 साल की सैलरी तक का पैकेज मिलेगा।
- 15 साल से ज्यादा सेवा वाले सीनियर कर्मचारी: इन्हें 1.5 से 2 साल तक का वेतन बतौर सेवरेंस पैकेज मिल सकता है।
एक्स्ट्रा मदद और सपोर्ट
TCS ने प्रभावित कर्मचारियों के लिए कई और कदम भी उठाए हैं जैसे-
- आउटप्लेसमेंट सर्विसेज: कंपनी तीन महीने तक नई नौकरी ढूंढने में मदद के लिए एजेंसी फीस खुद वहन कर रही है।
- मेंटल हेल्थ सपोर्ट: टीसीएस केयर्स प्रोग्राम के तहत थेरेपिस्ट और काउंसलिंग की सुविधा दी जा रही है।
- अर्ली रिटायरमेंट ऑप्शन: जिनकी रिटायरमेंट उम्र नजदीक है, उन्हें सभी बेनेफिट्स के साथ एक्स्ट्रा 6 महीने से 2 साल की सैलरी भी दी जाएगी।
CEO का बयान
TCS के सीईओ के कृतिवासन ने कहा था कि यह उनके लिए सबसे कठिन फैसलों में से एक रहा है। उनका मानना है कि यह कदम कंपनी को आने वाले समय की चुनौतियों के लिए मजबूत बनाएगा।
अब तक की स्थिति
ज्यादातर कर्मचारियों से जुड़े एडजस्टमेंट अगस्त और सितंबर में पूरे कर लिए गए हैं। अब केवल कुछ मामलों में ही रिसोर्स मैनेजमेंट ग्रुप (RMG) के जरिए कर्मचारियों को नई भूमिका तलाशने का मौका दिया जा रहा है।