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दूरसंचार कंपनियों की केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ बैठक, इन अहम मुद्दों पर हुई चर्चा

Edited By: Alok Kumar @alocksone Published : Sep 24, 2024 11:43 pm IST, Updated : Sep 24, 2024 11:43 pm IST

वीआईएल ने एजीआर मुद्दे के कारण उद्योग की सेहत पर पड़ने वाले असर पर चिंता जताई, जिसका भारती एयरटेल ने भी समर्थन किया।

Minister Jyotiraditya Scindia- India TV Paisa
Photo:X HANDLE OF MINISTER मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया

दूरसंचार कंपनियों ने केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ बैठक में नए लाइसेंसिंग नियमों पर अपनी सिफारिश में व्हाट्सएप और टेलीग्राम जैसे मैसेजिंग और कॉलिंग ऐप को शामिल न करने के नियामक ट्राई के फैसले पर चिंता जताई है। सूत्रों ने बताया कि कंपनियों ने समायोजित सकल राजस्व (एजीआर) भुगतान से संबंधित मुद्दों पर भी चर्चा की। सिंधिया ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, “दूरसंचार सेवा प्रदाताओं (टीएसपी) की हितधारक सलाहकार समिति के साथ एक सार्थक बैठक की अध्यक्षता की। साथ मिलकर हमने ग्राहक संतुष्टि बढ़ाने, प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करने और सेवा की गुणवत्ता में सुधार लाने से संबंधित प्रमुख मुद्दों पर चर्चा की, जिससे सभी के लिए कनेक्टिविटी, पहुंच और सामर्थ्य सुनिश्चित हो सके।” 

इन कंपनियों के प्रतिनिधि बैठक में मौजूद रहे 

बैठक में रिलायंस जियो के चेयरमैन आकाश अंबानी, वोडाफोन-आइडिया (वीआईएल) के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) अक्षय मूंदड़ा, भारती एयरटेल के प्रबंध निदेशक (एमडी) और सीईओ गोपाल विट्टल और बीएसएनएल के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक (सीएमडी) रॉबर्ट जे रवि शामिल हुए। सूत्र ने बताया, “सभी कंपनियों ने ट्राई द्वारा सेवा प्राधिकरण पर अपनी सिफारिश में ओवर-द-टॉप (ओटीटी) ऐप को बाहर रखे जाने पर चिंता जताई। वीआईएल और भारती एयरटेल ने एजीआर का मुद्दा उठाया।” दूरसंचार कंपनियां लंबे समय से कॉलिंग और मैसेजिंग ऐप्स (ओटीटी) को दूरसंचार लाइसेंस के दायरे में लाने की मांग कर रही हैं क्योंकि वे किसी भी दूरसंचार कंपनी की तरह कॉलिंग और मैसेजिंग सेवाएं प्रदान करते हैं। भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने दूरसंचार कंपनियों की मांग पर ध्यान नहीं दिया और दूरसंचार अधिनियम 2023 के तहत नए लाइसेंसिंग नियमों पर अपनी सिफारिश से इन ऐप को बाहर रखा। 

एजीआर मुद्दे से राहत देने की मांग 

वीआईएल ने एजीआर मुद्दे के कारण उद्योग की सेहत पर पड़ने वाले असर पर चिंता जताई, जिसका भारती एयरटेल ने भी समर्थन किया। पिछले सप्ताह उच्चतम न्यायालय ने वीआईएल की याचिका को इस आधार पर खारिज कर दिया था कि वह मानदंडों को पूरा नहीं करती। वीआईएल पर 70,320 करोड़ रुपये और भारती एयरटेल पर करीब 21,500 करोड़ रुपये की एजीआर देनदारी है। बैठक के दौरान सिंधिया ने परेशान करने वाले कॉल और एसएमएस की समस्या पर चर्चा की। सूत्र ने कहा, “कंपनियों को अनचाहे वाणिज्यिक कॉल को लेकर कुछ चिंता है, जिस पर दूरसंचार विभाग ने ध्यान दिया है।” दूरसंचार कंपनियों के बाद सिंधिया ने डिक्सन टेक्नोलॉजीज, नोकिया, एरिक्सन, स्टरलाइट टेक्नोलॉजीज और वीवीडीएन आदि दूरसंचार उपकरण विनिर्माताओं के प्रतिनिधियों से मुलाकात की। 

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