पारेख ने कहा, सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (सिप) और सिस्टेमैटिक ट्रांसफर प्लान (एसटीपी) जैसे निवेश के तरीकों ने निवेशकों को चयन का विकल्प दिया है। इसके अलावा निवेशकों को एकमुश्त या एक निश्चित समय के हिसाब से निवेश का भी विकल्प मिला है। एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (एम्फी) के आंकड़ों के अनुसार इक्विटी कोषों में अप्रैल में शुद्ध प्रवाह 9,429 करोड़ रुपए का रहा, जो इससे पिछले महीने के 8,216 करोड़ रुपए से अधिक है।



































