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शेयर बाजार के नए नियम पर SEBI का बड़ा फैसला, Closing Auction Session को लेकर चेयरमैन ने साफ कर दिया पूरा प्लान

 Written By: Shivendra Singh
 Published : Aug 17, 2026 02:56 pm IST,  Updated : Aug 17, 2026 02:56 pm IST

शेयर बाजार में 3 अगस्त से लागू हुआ Closing Auction Session (CAS) लगातार चर्चा में है। कुछ लोगों ने इसके काम करने के तरीके को लेकर सवाल उठाए हैं। सोशल मीडिया पर भी नए सिस्टम में बदलाव की मांग सामने आई है।

सेबी चेयरमैन तुहिन...- India TV Hindi
सेबी चेयरमैन तुहिन कांत पांडे Image Source : ANI

भारतीय शेयर बाजार में हाल ही में लागू किया गया क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (CAS) नियम फिलहाल वापस नहीं लिया जाएगा। बाजार नियामक SEBI ने साफ कर दिया है कि यह नया सिस्टम आगे भी जारी रहेगा। हालांकि, इसमें आने वाली दिक्कतों और बाजार प्रतिभागियों से मिले सुझावों की समीक्षा की जा रही है। जरूरत पड़ने पर इसमें कुछ बदलाव किए जा सकते हैं।

सेबी चेयरमैन तुहिन कांत पांडे ने कहा कि क्लोजिंग ऑक्शन सेशन यहां बना रहेगा। उन्होंने बताया कि नए सिस्टम को लेकर बाजार से कई सुझाव और प्रतिक्रियाएं मिली हैं। SEBI की टीमें इन सुझावों का अध्ययन कर रही हैं और बाजार से जुड़े लोगों के साथ बातचीत भी कर रही हैं। उन्होंने संकेत दिया कि अगर CAS में कोई व्यावहारिक समस्या सामने आती है और उसमें सुधार की गुंजाइश होगी, तो नियामक बदलाव करने से पीछे नहीं हटेगा।

3 अगस्त से लागू हुआ है नया सिस्टम

क्लोजिंग ऑक्शन सेशन को 3 अगस्त 2026 से लागू किया गया है। इसका उद्देश्य शेयर बाजार के कारोबारी दिन के अंत में शेयरों की क्लोजिंग कीमत तय करने की प्रक्रिया को बेहतर और अधिक व्यवस्थित बनाना है। हालांकि, सिस्टम लागू होने के बाद कुछ लोगों ने इसकी कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठाए हैं। सोशल मीडिया पर भी नए नियम से जुड़ी कई प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं।

हर आलोचना पर तुरंत बदलाव नहीं होगा

SEBI चेयरमैन ने कहा कि नियामक सोशल मीडिया पर आने वाली हर टिप्पणी या सुझाव के आधार पर तुरंत नियमों में बदलाव नहीं करेगा। उनके मुताबिक, CAS एक बड़ा बाजार सुधार है और इसके पीछे कुछ स्पष्ट उद्देश्य हैं। SEBI सभी सुझावों को देख रहा है, लेकिन बदलाव तभी किए जाएंगे जब वास्तव में इसकी जरूरत महसूस होगी।

ज्यादा भागीदारी से कम हो सकती हैं दिक्कतें

पांडे के मुताबिक, CAS में जैसे-जैसे बाजार प्रतिभागियों की भागीदारी बढ़ेगी, शुरुआती कई समस्याएं अपने आप कम हो सकती हैं। उन्होंने यह भी बताया कि कुछ प्रतिभागियों के सिस्टम अभी पुराने वॉल्यूम वेटेड एवरेज प्राइस (VWAP) सिस्टम के हिसाब से बने हुए हैं। ऐसे में वे नए CAS की सुविधाओं का पूरा लाभ नहीं उठा पा रहे हैं।

नए सिस्टम को समझना भी जरूरी

SEBI चेयरमैन ने लोगों को नए सिस्टम को समझने और उसके अनुसार अपनी तैयारी करने की जरूरत पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि जब कोई व्यवस्था वर्षों से चली आ रही हो तो लोगों को बदलाव स्वीकार करने में समय लगता है। उनके अनुसार, कई बार लोग नई व्यवस्था को सीखने और समझने के लिए पर्याप्त प्रयास नहीं करते। SEBI का मानना है कि समय के साथ CAS की समझ और भागीदारी बढ़ने पर इसकी कार्यप्रणाली और बेहतर हो सकती है।

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