नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) ने निफ्टी इंडेक्स के साप्ताहिक डेरिवेटिव अनुबंध (वीकली डेरिवेटिव्स कॉन्ट्रैक्ट) के नियम में बदलाव कर दिया है। एनएसई ने कहा है कि आगामी 4 अप्रैल से निफ्टी इंडेक्स के सभी साप्ताहिक डेरिवेटिव अनुबंध 4 अप्रैल से गुरुवार के बजाय सोमवार को खत्म होंगे। पीटीआई की खबर के मुताबिक, एक्सचेंज की तरफ से जारी एक सर्कुलर में कहा गया है कि निफ्टी साप्ताहिक फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (एफएंडओ) अनुबंधों की समाप्ति तिथि समाप्ति सप्ताह के गुरुवार से सोमवार को बदल जाएगी, जबकि निफ्टी मासिक, त्रैमासिक और अर्ध-वार्षिक अनुबंधों की समाप्ति महीने के अंतिम गुरुवार से समाप्ति महीने के अंतिम सोमवार को बदल जाएगी।
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इनके लिए भी बदल गया दिन
खबर के मुताबिक, साथ ही, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ने बैंक निफ्टी, फिननिफ्टी, निफ्टी मिडकैप सेलेक्ट और निफ्टी नेक्स्ट50 के लिए एफएंडओ समाप्ति तिथि को भी 4 अप्रैल से समाप्ति महीने के अंतिम सोमवार को शिफ्ट कर दिया है। सर्कुलर के मुताबिक, नए बदलाव 4 अप्रैल, 2025 से प्रभावी हो जाएंगे। इसका मतलब यह है कि सभी मौजूदा कॉन्ट्रैक्ट्स के लिए एक्सपायरी डे को संशोधित कर 3 अप्रैल, 2025 (ईओडी) को 'नया समाप्ति दिवस' कर दिया जाएगा।
डेरिवेटिव का मतलब
वित्तीय बाजारों में डेरिवेटिव का मतलब आमतौर पर पूर्व-निर्धारित निश्चित अवधि का फॉरवर्ड, फ्यूचर, ऑप्शन या कोई अन्य हाइब्रिड अनुबंध होता है, जो अनुबंध की पूर्ति के मकसद से निर्दिष्ट वास्तविक या वित्तीय परिसंपत्ति के मूल्य या प्रतिभूतियों के सूचकांक से जुड़ा होता है। मोटे तौर पर, डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट्स दो प्रकार के होते हैं- वायदा और विकल्प। वायदा अनुबंध का मतलब भविष्य की तारीख पर अंतर्निहित सुरक्षा को खरीदने या बेचने के लिए कानूनी रूप से बाध्यकारी समझौता है, जबकि विकल्प अनुबंध खरीदार या अनुबंध के धारक को एक निर्दिष्ट अवधि के भीतर या उसके आखिर में पूर्व निर्धारित मूल्य पर अंतर्निहित परिसंपत्ति को खरीदने या बेचने का अधिकार (लेकिन दायित्व नहीं) देता है।
आईपीओ की तैयारी में है एनएसई
आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) लाने की तैयारी कर रही एनएसई का मूल्यांकन 2024 में 201 प्रतिशत बढ़कर 4.7 लाख करोड़ रुपये हो गया है। कुछ दिनों पहले एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई। भारत के सबसे बड़े शेयर बाजार एनएसई ने बाजार नियामक सेबी से आईपीओ की मंजूरी पाने के लिए आवेदन किया है।