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सेंसेक्स-निफ्टी से लेकर सोना टूटा लेकिन कच्चे तेल में लगी आग, जानिए क्या है इसकी वजह

विदेशी संस्थागत निवेशकों के बिकवाल रहने से घरेलू बाजार में उठापटक देखी गई। अमेरिका में ब्याज दरें बढ़ने की आशंका के बीच बांड प्रतिफल बढ़ने से वैश्विक स्तर पर बाजारों में बिकवाली का दबाव रहा।

India TV Paisa Desk Edited by: India TV Paisa Desk
Updated on: January 18, 2022 18:52 IST
Sensex - India TV Paisa
Photo:INDIA TV

Sensex 

Highlights

  • सोना टूटकर 47,814 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ
  • सेंसेक्स 554 अंक गिरावट के साथ 60,754.86 अंक पर बंद
  • निफ्टी 195.05 अंक की गिरावट के साथ 18,113.05 अंक पर बंद

नई दिल्ली। हफ्ते के दूसरे कारोबारी दिन यानी मंगलवार को शेयर बाजार से लेकर सर्राफा बाजार में गिरावट का दौर रहा। सेंसेक्स 554 अंक और निफ्टी 195 अंक की गिरावट के साथ बंद हुआ। सोने में 23 रुपये की गिरावट रहीं। वहीं, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल का भाव वर्ष 2014 के बाद से अब तक के उच्चस्तर 87 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। आखिर, बजट से पहले ये किस बात के संकेत दे रहे हैं आइए जानते हैं।  

विशेषज्ञों ने गिरावट पर क्या कहा 

जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, कच्चे तेल के दाम में आई तेजी और विदेशी संस्थागत निवेशकों के बिकवाल रहने से घरेलू बाजार में उठापटक देखी गई। अमेरिका में ब्याज दरें बढ़ने की आशंका के बीच बांड प्रतिफल बढ़ने से वैश्विक स्तर पर बाजारों में बिकवाली का दबाव रहा। इसके साथ ही तेल आपूर्ति को लेकर चिंताएं बढ़ने से कच्चे तेल के दाम भी बढ़ गए हैं। इसका विपरित असर बाजार पर हुआ और बाजार में बड़ी गिरावट आ गई। यह रुझान आगे भी देखने को मिल सकता है। एचडीएफसी सिक्योरिटीज के खुदरा शोध प्रमुख दीपक जसानी के मुताबिक, कमजोर वैश्विक संकेतों के बीच घरेलू कारोबारियों ने मुनाफावसूली की। कोटक सिक्योरिटीज लिमिटेड के इक्विटी शोध (खुदरा) प्रमुख श्रीकांत चौहान ने कहा, बिकवालों का जोर रहने से बाजारों में हालिया बढ़त का दौर थमा और निवेशकों ने मुनाफा कमाने पर जोर दिया। निकट भविष्य में भी निफ्टी के स्तर में कमजोरी देखी जा सकती है।

सोना लागातार दे रहा है निगेटिव रिटर्न 

सोने ने निवेशकों को 2020 के बाद लगातार 2021 में और साल के पहले महीने यानी अब तक निगेटिव रिटर्न दिया है। सर्राफा बाजार के विशेषज्ञों का कहना है कि यह सिलसिला आगे भी देखने को मिल सकता है। बीते एक साल से अधिक समय से सोने का भाव 45 से 47 हजार प्रति दस ग्राम के बीच झुल रहा है। मंगलवार को भी सोना 23 रुपये की हानि के साथ 47,814 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ। चांदी की कीमत भी 61,835 रुपये प्रति किलोग्राम पर अपरिवर्तित रही। 

रुपया लगातार तीसरे दिन टूटा 

रुपये में लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में गिरावट जारी रही। डॉलर के मजबूत होने और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से कारोबारी धारणा प्रभावित हुई, जिससे विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में मंगलवार को अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले रुपया 33 पैसे की गिरावट के साथ 74. 58 प्रति डॉलर पर बंद हुआ। बाजार सूत्रों ने कहा कि घरेलू शेयर बाजार में सुस्ती तथा आयातकों की ओर से बैंकों की डॉलर खरीद से भी रुपये में गिरावट आई। 

इसलिए क्रूड में आया उछाल

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल का भाव वर्ष 2014 के बाद से अब तक के उच्चस्तर 87 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया है। विश्लेषकों का मानना है कि इसके पीछे बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और आपूर्ति संकट से जुड़ी बाधाएं अहम हैं। यमन के हूदी विद्रोहियों ने संयुक्त अरब अमीरात में तेल प्रतिष्ठान पर हमला कर आपूर्ति को बाधित किया है। इस हमले के बाद पश्चिम एशिया के दो पड़ोसी देशों ईरान एवं सऊदी अरब के बीच तनाव बढ़ने की आशंका है। इससे कच्चे तेल की आपूर्ति आने वाले समय में और बाधित हो सकती है। इसके अलावा वैश्विक तेल भंडार भी कम हो रहे हैं। हालांकि, घरेलू बाजार में पेट्रोल और डीजल के दाम लगातार 74वें दिन भी अपरिवर्तित बने रहे। दिल्ली में पेट्रोल के दाम 95. 41 रुपये प्रति लीटर के भाव पर हैं जबकि डीजल 86.67 रुपये प्रति लीटर के दाम पर बिक रहा है। 

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